साय कैबिनेट के बड़े फैसले : निर्यात प्रोत्साहन नीति को मंजूरी, सरकारी कर्मचारियों को आयु सीमा में राहत

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      • नवा रायपुर में NSTI के लिए 10 एकड़ जमीन आवंटित, दुर्ग में नए जिला न्यायालय भवन का रास्ता साफ

      रायपुर (AkhandBharatHNKP.Com)। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में हुई कैबिनेट बैठक में राज्य के विकास और प्रशासन से जुड़े कई अहम फैसलों को मंजूरी दी गई। बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने दी। मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख निर्यात केंद्र के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से ‘छत्तीसगढ़ निर्यात प्रोत्साहन नीति 2026-30’ को मंजूरी दी। नीति के तहत मजबूत निर्यात व्यवस्था और लॉजिस्टिक्स ढांचा विकसित करने के साथ निर्यातकों को बेहतर बाजार और व्यापार सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर रहेगा।

          कैबिनेट बैठक

          ई-कॉमर्स, व्यापार मेलों और प्रदर्शनियों के माध्यम से प्रदेश के उद्यमियों एवं निर्यातकों को अंतरराष्ट्रीय बाजार से सीधे जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। कृषि और औद्योगिक क्षेत्रों के मूल्यवर्धित उत्पादों के निर्यात को भी प्रोत्साहित किया जाएगा। कैबिनेट ने नवा रायपुर अटल नगर में नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (NSTI) की स्थापना के लिए ग्राम तेंदुवा में 10 एकड़ सरकारी जमीन निशुल्क आवंटित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। करीब 200 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले संस्थान में आधुनिक शैक्षणिक, प्रशासनिक और छात्रावास सुविधाएं विकसित की जाएंगी। संस्थान में दीर्घकालीन पाठ्यक्रमों में हर साल करीब 1,000 और अल्पकालीन कार्यक्रमों में 3,000 प्रशिक्षुओं को उद्योगों की जरूरत के अनुरूप तकनीकी एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जा सकेगा। इससे युवाओं के लिए कौशल प्रशिक्षण, इंटर्नशिप और रोजगार के नए अवसर खुलेंगे।

          सरकारी कर्मचारियों को बड़ी राहत

          कैबिनेट ने शासकीय सेवकों, निगम-मंडल एवं स्वशासी संस्थाओं के कर्मचारियों, संविदाकर्मियों और नगर सैनिकों के लिए अधिकतम आयु सीमा में महत्वपूर्ण बदलाव को मंजूरी दी है। अब अन्य शासकीय सेवाओं एवं उच्च पदों के लिए आवेदन करने की अधिकतम आयु सीमा 38 वर्ष से बढ़ाकर 45 वर्ष की जाएगी। इस फैसले से इन वर्गों में कार्यरत कर्मचारियों को दूसरी शासकीय सेवाओं और उच्च पदों पर जाने के लिए अधिक अवसर मिल सकेंगे। इसके लिए राज्य शासन की ओर से एकीकृत दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।

          नए जिला न्यायालय भवन के लिए 4 हेक्टेयर भूमि की मंजूरी 

          कैबिनेट ने दुर्ग जिला न्यायालय के नए भवन के निर्माण के लिए ग्राम तितुरडीह में बीआईटी कॉलेज के पास 4 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। इसके बदले भिलाई इस्पात संयंत्र को ग्राम पाहंदा, तहसील पाटन में 5.024 हेक्टेयर शासकीय भूमि दी जाएगी। दोनों भूखंडों का वर्तमान मूल्य लगभग समान बताया गया है। फैसले से दुर्ग में आधुनिक और सुव्यवस्थित जिला न्यायालय परिसर के निर्माण का रास्ता साफ होगा।

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