रेत से भरे ट्रैक्टर को छोड़ने नायब तहसीलदार ने मांगे 50 हजार तो किसान ने किया कीटनाशक का सेवन

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      बलौदाबाजार (AkhandBharatHNKP.Com)। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले के कसडोल क्षेत्र से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां रेत से भरे ट्रैक्टर को छोड़ने के बदले कथित रूप से 50 हजार रुपये रिश्वत मांगने का आरोप लगने के बाद एक किसान ने कीटनाशक पी लिया। किसान को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के बाद अब उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

          रिश्वत

          जानकारी के अनुसार घटना कसडोल विकासखंड के ग्राम चांटीपाली की है। किसान कमल ओगरे के बेटे राज ओगरे ने बताया कि वह महानदी से रेत भरकर ट्रैक्टर से लौट रहा था। इसी दौरान क्षेत्र की नायब तहसीलदार आकांक्षा तिवारी ने वाहन को रोककर कार्रवाई की। आरोप है कि ट्रैक्टर छोड़ने के बदले 50 हजार रुपये की मांग की गई। पैसे नहीं देने पर ट्रैक्टर को कसडोल थाने में खड़ा करा दिया गया। परिजनों का कहना है कि उसी दौरान दो अन्य ट्रैक्टर भी पकड़े गए थे, जिन्हें कथित तौर पर पैसे लेने के बाद छोड़ दिया गया, जबकि उनका ट्रैक्टर जब्त रखा गया। इस घटना की जानकारी मिलने के बाद किसान कमल ओगरे मौके पर पहुंचे, लेकिन ट्रैक्टर नहीं छोड़े जाने और आर्थिक दबाव बढ़ने के कारण वह तनाव में आ गए और उन्होंने कीटनाशक पी लिया। हालत बिगड़ने पर परिजन उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कसडोल लेकर पहुंचे। अस्पताल प्रशासन ने बताया कि समय पर उपचार मिलने से किसान की जान बच गई। फिलहाल उनकी हालत खतरे से बाहर है और स्वास्थ्य में लगातार सुधार हो रहा है। घटना की जानकारी मिलने पर कसडोल विधायक संदीप साहू अस्पताल पहुंचे और किसान से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। विधायक ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि यदि किसी अधिकारी ने अवैध वसूली की है तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने पूरे मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

          नायब तहसीलदार ने आरोपों को नकारा

          वहीं नायब तहसीलदार आकांक्षा तिवारी ने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि रेत परिवहन को लेकर की गई कार्रवाई पूरी तरह नियमों के तहत थी और किसी प्रकार की रिश्वत नहीं मांगी गई। उनका कहना है कि पिछले तीन दिनों से उच्च अधिकारियों के निर्देश पर कार्रवाई की जा रही थी और जब्त किए गए वाहनों के पास खनिज परिवहन से संबंधित कोई वैध दस्तावेज या रॉयल्टी उपलब्ध नहीं थी।

          कलेक्टर ने दिए जांच के आदेश

          मामला सामने आने के बाद बलौदाबाजार कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने संज्ञान लेते हुए एसडीएम को पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं। प्रशासन को तीन दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। अब जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि रिश्वत मांगने के आरोपों में कितनी सच्चाई है और मामले में किस स्तर पर कार्रवाई की जाएगी।

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