बिलासपुर (AkhandBharatHNKP.Com)। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने प्रदेश के पुलिस थानों में लगे सीसीटीवी कैमरों को लेकर सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि थानों में लगे कैमरे लगातार चालू हालत में रहने चाहिए और उनकी रिकॉर्डिंग को सुरक्षित रखना भी जरूरी है। कोर्ट ने इसे पुलिस की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना है।
हाईकोर्ट ने कहा कि पुलिस थानों में सीसीटीवी कैमरे केवल औपचारिकता के लिए नहीं लगाए गए हैं। इनका लगातार संचालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। यदि किसी थाने में कैमरे बंद मिलते हैं या किसी घटना से संबंधित रिकॉर्डिंग उपलब्ध नहीं होती है, तो इसे गंभीरता से लिया जा सकता है। सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से थाने में आने-जाने वाले लोगों और पुलिस की कार्रवाई से जुड़ी गतिविधियों का रिकॉर्ड उपलब्ध रहता है। अदालत ने कैमरों को चालू रखने के साथ उनकी रिकॉर्डिंग को सुरक्षित रखने पर भी जोर दिया है। किसी शिकायत, विवाद या पुलिस कार्रवाई को लेकर सवाल उठने की स्थिति में सीसीटीवी फुटेज महत्वपूर्ण साक्ष्य बन सकती है। इसलिए पुलिस विभाग को यह सुनिश्चित करना होगा कि निर्धारित अवधि तक रिकॉर्डिंग सुरक्षित रहे और जरूरत पडऩे पर उसे जांच या न्यायिक प्रक्रिया के दौरान प्रस्तुत किया जा सके।
पुलिस कार्यप्रणाली में बढ़ेगी पारदर्शिता
पुलिस थानों में सीसीटीवी निगरानी का उद्देश्य पुलिस और आम नागरिकों के बीच पारदर्शिता और विश्वास बढ़ाना भी है। थाने के भीतर हुई किसी घटना या कार्रवाई को लेकर विवाद की स्थिति में रिकॉर्डिंग से वास्तविक घटनाक्रम का पता लगाने में मदद मिल सकती है। हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद पुलिस विभाग की जिम्मेदारी और बढ़ गई है। यदि किसी थाने में कैमरे लंबे समय तक बंद पाए जाते हैं या महत्वपूर्ण फुटेज उपलब्ध नहीं होती है, तो संबंधित अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ सकते हैं। पुलिस विभाग को कैमरों की नियमित निगरानी, तकनीकी खराबियों को तत्काल दूर करने और रिकॉर्डिंग की सुरक्षित व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी।

