अंबिकापुर (AkhandBharatHNKP.Com)। सरगुजा का केंद्रीय जेल अब प्रदेश की पहली ऐसी खुली जेल बनने जा रहा है, जहां चयनित कैदियों को अपने परिवार के साथ रहने की सुविधा मिलेगी। खुली जेल में रहकर कैदी अपनी बची हुई सजा पूरी करने के साथ ही बाहर जाकर रोजगार भी कर सकेंगे। शाम को उन्हें वापस खुली जेल परिसर में लौटना होगा।
इस पहल का उद्देश्य कैदियों को सजा पूरी होने के बाद समाज की मुख्यधारा से जोड़ना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। कारागार परिसर में तैयार की गई इस खुली जेल का विधिवत उद्घाटन जेल महानिदेशक हिमांशु गुप्ता द्वारा किया जा चुका है। हालांकि अभी कुछ निर्माण कार्य बाकी हैं। सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद पात्र कैदियों का चयन किया जाएगा। अंबिकापुर केंद्रीय जेल प्रबंधन के अनुसार फिलहाल खुली जेल के लिए दो कमरों की व्यवस्था की गई है। परिसर में रसोई और स्नानघर की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। यदि यह व्यवस्था सफल रहती है तो भविष्य में आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त कमरों का निर्माण कर खुली जेल का विस्तार किया जा सकेगा।
परिवार के साथ रहेंगे, बाहर जाकर करेंगे काम
खुली जेल के लिए चयनित कैदी अपने परिवार के साथ यहां रह सकेंगे। उन्हें अपनी शेष सजा की अवधि परिवार के साथ रहते हुए पूरी करने का अवसर मिलेगा। शुरुआत में जेल प्रबंधन की ओर से एक माह का राशन, गैस सिलेंडर और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके बाद कैदी बाहर जाकर रोजगार कर सकेंगे और अपनी आय से परिवार का भरण-पोषण कर सकेंगे। काम पूरा होने के बाद उन्हें निर्धारित समय पर वापस खुली जेल परिसर में लौटना होगा।
अनुशासन के साथ आत्मनिर्भर बनाने की पहल
जेल अधीक्षक अक्षय सिंह राजपूत ने बताया कि खुली जेल की व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य कैदियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। कैदियों को परिवार के साथ रहने के साथ रोजगार का अवसर मिलेगा, लेकिन जेल की अनुशासन व्यवस्था भी लागू रहेगी। सरकार की इस पहल का उद्देश्य यह है कि जब कैदी अपनी सजा पूरी करके जेल से बाहर आए तो उसके पास रोजगार का अनुभव हो, परिवार से जुड़ाव बना रहे और वह समाज में सामान्य जीवन जीने के लिए तैयार हो चुका हो।

