अखिलेश ने उठाए पुलिस कार्रवाई पर सवाल, विपक्ष ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई
नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के तीसरे दिन बुधवार को छात्रों पर पुलिस कार्रवाई, परीक्षा अनियमितताओं और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर लोकसभा और राज्यसभा में जोरदार हंगामा हुआ। विरोध जताने के लिए कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत कई विपक्षी सांसद काले कपड़े पहनकर संसद पहुंचे और परिसर में प्रदर्शन किया। हंगामे के कारण लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी।

लोकसभा में समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाते हुए कहा कि यह किसी राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि देश के छात्रों और युवाओं का मुद्दा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान छात्राओं के साथ दुर्व्यवहार हुआ और पूछा कि पुलिस को इस तरह की कार्रवाई का अधिकार किसने दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री से संसद में इस मुद्दे पर जवाब देने की मांग की। कांग्रेस सांसद के.सी. वेणुगोपाल ने कहा कि विपक्ष की मांग स्पष्ट है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दें। इसके जवाब में संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि सरकार पिछले तीन दिनों से NEET पेपर लीक के मुद्दे पर चर्चा कराने के लिए तैयार है और नियमों के तहत सार्थक बहस चाहती है।
हंगामे के चलते कई बार स्थगित हुई कार्यवाही
सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष के हंगामे के कारण लोकसभा को पहले कुछ ही मिनटों में स्थगित करना पड़ा। दोबारा बैठक शुरू होने के बाद भी हंगामा जारी रहा, जिसके चलते कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दी गई। राज्यसभा की कार्यवाही भी लगातार विरोध के बीच दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी।

