तीन महीने से स्कूल में बिजली बंद, पढ़ाई और सफाई व्यवस्था को लेकर छात्राओं में नाराजगी
अंबिकापुर (AkhandBharatHNKP.Com)। छत्तीसगढ़ के सरगुजा के शिवपुर स्थित एकलव्य आवासीय विद्यालय की करीब 45 छात्राएं स्कूल की अव्यवस्थाओं से परेशान होकर सोमवार को कलेक्टर से शिकायत करने के लिए पैदल अंबिकापुर के लिए निकल पड़ीं। छात्राओं ने स्कूल में तीन महीने से बिजली नहीं होने, विषयों की पढ़ाई ठीक से नहीं होने और मेस की खराब सफाई व्यवस्था की शिकायत की। छात्राओं ने बताया कि कई बार शिकायत के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं किया गया। छात्राएं करीब 16 किलोमीटर तक पैदल चलीं। बाद में अधिकारियों ने बस की व्यवस्था कर उन्हें अंबिकापुर पहुंचाया, जहां उन्होंने कलेक्टर अजीत वसंत से मुलाकात कर अपनी समस्याएं बताईं।

बता दें कि जांच रिपोर्ट के आधार पर स्कूल के प्रिंसिपल ओम नारायण श्रीवास्तव को हटा दिया गया और उन्हें सहायक आयुक्त कार्यालय में अटैच किया गया है। वहीं पीजीटी अंग्रेजी की शिक्षिका प्रतीक्षा त्रिपाठी को प्राचार्य का प्रभार सौंपा गया है। छात्राओं के पैदल निकलने की जानकारी मिलते ही स्कूल के शिक्षक भी उनके साथ चलने लगे। ट्राइबल असिस्टेंट कमिश्नर ललित शुक्ला ने मौके पर पहुंचकर छात्राओं को समझाने और उनकी समस्याएं जानने का प्रयास किया, लेकिन छात्राएं उनसे बातचीत करने को तैयार नहीं हुईं। छात्राओं ने सीधे कलेक्टर से मिलने की बात कही। इसके बाद बस की व्यवस्था कर उन्हें अंबिकापुर भेजा गया। मामले में कलेक्टर अजीत वसंत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए संयुक्त कलेक्टर शारदा अग्रवाल की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की। कमेटी ने छात्राओं और स्कूल स्टाफ से पूछताछ कर जांच रिपोर्ट कलेक्टर को सौंप दी।
वार्डन को नोटिस, शिक्षक को मूल स्कूल भेजा
स्कूल में पदस्थ पीजीटी हिंदी अरविन्द अशोक तिग्गा को उनके मूल स्कूल एकलव्य स्कूल मैनपाट वापस भेज दिया गया है। वहीं हॉस्टल वार्डन आयुषी सोनी को शासकीय कार्य में लापरवाही बरतने के मामले में कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इसके अलावा स्कूल के अधिकारियों और कर्मचारियों का वेतन अब कलेक्टर और जिला स्तरीय समिति की मंजूरी के बाद ही जारी किए जाने का निर्णय लिया गया है।
मंत्री नेताम ने भी मांगी रिपोर्ट
आदिम जाति कल्याण मंत्री रामविचार नेताम ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए ट्राइबल विभाग के असिस्टेंट कमिश्नर से जांच रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने कहा कि छात्राओं को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासन तक पैदल पहुंचने की स्थिति क्यों बनी, इसकी जांच जरूरी है। उन्होंने कहा कि छात्राओं की समस्याओं का जल्द निराकरण कराया जाएगा और भविष्य में ऐसी अव्यवस्था न हो, इसके लिए व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जाएगा।
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