चक्रवात के खतरे से बस्तर संभाग में हाई अलर्ट, दंतेवाड़ा में स्कूल बंद

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      • बाढ़ से निपटने के लिए 18 से अधिक राहत शिविर तैयार, एनडीआरएफ-एसडीआरएफ की टीमें तैनात

      जगदलपुर (AkhandBharatHNKP.Com)। बंगाल की खाड़ी में संभावित चक्रवाती तूफान के खतरे को देखते हुए बस्तर संभाग में प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। तेज हवाओं, भारी बारिश और संभावित बाढ़ की आशंका के बीच दंतेवाड़ा जिले में 27 अक्टूबर को सभी शासकीय और अशासकीय स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए अवकाश घोषित किया गया है। आंगनबाड़ी केंद्र भी बंद रहेंगे। वहीं, बस्तर जिले में संवेदनशील क्षेत्रों में मुनादी कराकर लोगों को सावधान किया जा रहा है। राहत एवं बचाव दलों को आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रखा गया है।

          दंतेवाड़ा कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव के निर्देश पर विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एक दिन का अवकाश घोषित किया गया है। यह आदेश प्राथमिक, माध्यमिक, हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों के विद्यार्थियों के साथ आंगनबाड़ी केंद्रों पर भी लागू होगा। हालांकि, शिक्षकों को अवकाश से छूट दी गई है। महिला एवं बाल विकास विभाग ने आंगनबाड़ी केंद्रों में रखी खाद्य सामग्री, सरकारी अभिलेखों और अन्य जरूरी सामान को सुरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं। साथ ही आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को बच्चों के अभिभावकों तक अवकाश की सूचना पहुंचाने को कहा गया है।

          18 से अधिक राहत शिविर तैयार

          संभावित चक्रवाती तूफान के मद्देनजर बस्तर जिला प्रशासन ने भी आपदा प्रबंधन की तैयारियां तेज कर दी हैं। कलेक्टर आकाश छिकारा के निर्देश पर इंद्रावती, मारकंडी और नारंगी नदियों के आसपास तथा निचले इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है। जगदलपुर, बकावंड, लोहंडीगुड़ा और बस्तर तहसील के संवेदनशील गांवों में मुनादी कराकर लोगों को सतर्क रहने की अपील की जा रही है। बाढ़ या जलभराव की स्थिति में लोगों को सुरक्षित पहुंचाने के लिए 18 से अधिक स्कूल भवनों, सामाजिक भवनों, मंगल भवनों और धर्मशालाओं को राहत शिविर के रूप में तैयार किया गया है। इन शिविरों में जरूरत पड़ने पर भोजन, पेयजल और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।

          एनडीआरएफ-एसडीआरएफ की टीमें अलर्ट

          संभावित आपदा से निपटने के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) और नगर सेना की टीमों को तैयार रखा गया है। बचाव दलों को मोटर बोट, जीवन रक्षक जैकेट, पानी के भीतर बचाव उपकरण और पोर्टेबल पंप सहित आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं। प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने और आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने के निर्देश दिए हैं।

          24 घंटे सक्रिय रहेगा बाढ़ नियंत्रण कक्ष

          बस्तर जिला कार्यालय में विशेष बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। 26 से 31 अक्टूबर तक यहां चार पालियों में अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। नियंत्रण कक्ष केंद्रीय जल आयोग के संपर्क में रहकर इंद्रावती नदी के जलस्तर और बारिश की स्थिति पर निगरानी रखेगा। इसके अलावा विभिन्न तहसीलों में 13 नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं।

          आपात स्थिति में इस नंबर पर करें संपर्क

          प्रशासन ने किसी भी आपात स्थिति, जलभराव या सहायता की आवश्यकता होने पर नागरिकों के लिए 07782-223122 नंबर जारी किया है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों से दूर रहने, मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने और खतरे की स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है। संभावित खराब मौसम को देखते हुए नदी-नालों के आसपास रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

          बस्तर में आ सकता है चक्रवाती तूफान ‘दाना’ का प्रभाव , प्रशासन अलर्ट

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