4.5 लाख से अधिक पेंशनभोगियों को मिलेगा लाभ, न्यूनतम पेंशन बढ़ी, स्वास्थ्य सेवाएं और डिजिटल सुविधाएं हुईं बेहतर
बिलासपुर (AkhandBharatHNKP.Com)। देश की अग्रणी सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) ने अपने सेवानिवृत्त कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के कल्याण के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। पेंशन व्यवस्था को सरल बनाने, स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार करने, शिकायतों के त्वरित समाधान और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से लागू की गई इन पहलों से 4.5 लाख से अधिक सेवानिवृत्त कर्मचारियों एवं पेंशनभोगियों को लाभ मिल रहा है।
कोल माइंस पेंशन योजना के तहत 8 मार्च 2024 से न्यूनतम मासिक पेंशन बढ़ाकर 1,000 रुपये कर दी गई है। इस निर्णय से करीब 40 हजार पेंशनभोगियों को सीधा लाभ मिला है। कंपनी का मानना है कि इससे सेवानिवृत्त खनिकों और उनके परिवारों को अतिरिक्त आर्थिक संबल मिलेगा। कोल इंडिया ने कोल माइंस प्रोविडेंट फंड संगठन (CMPFO) के सहयोग से सी-केयर्स (C-CARES) प्लेटफॉर्म के माध्यम से पेंशन प्रशासन को डिजिटल बनाया है। इसके चलते सेवानिवृत्ति संबंधी दावों के निपटान का औसत समय 30 दिनों से घटकर मात्र 10 दिन रह गया है। इसके अलावा संशोधित पेंशन भुगतान आदेश (PPO) और पेंशन संशोधन की पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन और पेपरलेस बनाने के लिए नए डिजिटल मॉड्यूल भी विकसित किए जा रहे हैं।
सेवानिवृत्ति के दिन ही मिलेगा पीपीओ
नई व्यवस्था के तहत सेवानिवृत्त कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति वाले दिन ही पेंशन भुगतान आदेश (PPO) जारी करने की सुविधा दी गई है। साथ ही, भविष्य निधि (पीएफ) और अन्य देयों के शीघ्र भुगतान की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है। संशोधित पीपीओ में पात्र जीवनसाथी का विवरण भी शामिल किया जा रहा है, जिससे पारिवारिक पेंशन संबंधी मामलों का तेजी से निपटारा हो सके।
हर कंपनी में बनाए गए पीआरबी सेल
सेवानिवृत्त कर्मचारियों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए कोल इंडिया मुख्यालय और उसकी सभी अनुषंगी कंपनियों में पोस्ट रिटायरमेंट बेनिफिट (PRB) सेल स्थापित किए गए हैं। ये सेल सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए सभी आवश्यक सेवाओं और सहायता का एकल संपर्क केंद्र के रूप में कार्य कर रहे हैं।
532 अस्पतालों में कैशलेस इलाज की सुविधा
स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करते हुए कोल इंडिया की अंशदायी सेवानिवृत्ति उपरांत चिकित्सा योजना (PRMS) के तहत करीब 1.13 लाख सेवानिवृत्त कर्मचारियों को देशभर के 532 सूचीबद्ध अस्पतालों में कैशलेस इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। योजना के तहत सेवानिवृत्त अधिकारियों को 25 लाख रुपये और गैर-अधिकारियों को 8 लाख रुपये तक का चिकित्सा कवरेज दिया जा रहा है। वहीं गंभीर बीमारियों के इलाज पर होने वाला खर्च इस सीमा से अलग रखा गया है, जिससे मरीजों को बेहतर आर्थिक सुरक्षा मिल सके।
पीएफ और पेंशन वितरण में उल्लेखनीय वृद्धि
वित्त वर्ष 2025-26 में भविष्य निधि (पीएफ) वितरण 19.5 प्रतिशत बढ़कर 13,608.8 करोड़ रुपये पहुंच गया, जबकि पिछले वर्ष यह 11,391.6 करोड़ रुपये था। इसी अवधि में पेंशन वितरण भी 22.9 प्रतिशत बढ़कर 6,427 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले वित्त वर्ष में 5,229.1 करोड़ रुपये था। इस तरह एक वर्ष में पीएफ और पेंशन वितरण में कुल 3,415.1 करोड़ रुपये की वृद्धि दर्ज की गई।
सेवानिवृत्त कर्मचारियों के कल्याण पर विशेष जोर
कोल इंडिया ने अपने सूचीबद्ध अवकाश गृहों की सुविधा भी सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए उपलब्ध कराई है, ताकि उन्हें बेहतर सामाजिक और मानसिक सहयोग मिल सके। कंपनी का कहना है कि भविष्य में भी सेवानिवृत्त कर्मचारियों को वित्तीय सुरक्षा, गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं और बेहतर संस्थागत सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास लगातार जारी रहेंगे।

