कोरबा (AkhandBharatHNKP.Com)। नगर पालिक निगम कोरबा के आयुक्त आशुतोष पाण्डेय ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा है कि सीएम हेल्पलाइन 1076 में प्राप्त शिकायतें सर्वोच्च प्राथमिकता का विषय हैं और इनके निराकरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए तय समय-सीमा के भीतर उनका संतोषजनक निराकरण हर हाल में सुनिश्चित किया जाए।
मंगलवार को निगम कार्यालय में आयोजित बैठक में आयुक्त ने जोन कमिश्नरों और प्रभारी अधिकारियों के साथ सीएम हेल्पलाइन, टीएल प्रकरण, जनदर्शन, सुशासन तिहार सहित विभिन्न माध्यमों से प्राप्त शिकायतों एवं आवेदनों के निराकरण की कार्यप्रगति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने लंबित प्रकरणों को लेकर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। बैठक में कोरबा, टीपीनगर, कोसाबाड़ी, पंडित रविशंकर नगर, बालको, दर्री और सर्वमंगला जोन में स्ट्रीट लाइट, पेयजल, स्वच्छता, साफ-सफाई, अवैध कब्जा, अतिक्रमण तथा निगम के अन्य कार्यों से जुड़ी शिकायतों की समीक्षा की गई। आयुक्त ने कहा कि जैसे ही शिकायत प्राप्त हो, उस पर तत्काल कार्रवाई शुरू की जाए और निर्धारित समय के भीतर उसका गुणवत्तापूर्ण समाधान किया जाए। बैठक में अपर आयुक्त, अधीक्षण अभियंता, कार्यपालन अभियंता, लेखाधिकारी, सभी जोन कमिश्नर एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
सीएम हेल्पलाईन एकीकृत सुलभ व पारदर्शी माध्यम
आयुक्त आशुतोष पाण्डेय ने अधिकारियों को बताया कि राज्य सरकार द्वारा संचालित सीएम हेल्पलाइन 1076 “समस्या तुंहर-समाधान हमर” नागरिकों को शिकायत दर्ज कराने और उनके समयबद्ध निराकरण के लिए एक सुलभ, पारदर्शी और प्रभावी माध्यम है। इसलिए पोर्टल पर दर्ज प्रत्येक शिकायत का समय पर निराकरण अनिवार्य रूप से किया जाना चाहिए। बैठक के दौरान कलेक्टर टीएल, निगम टीएल, जनदर्शन, निदान 1100, प्रधानमंत्री कार्यालय, मुख्यमंत्री कार्यालय, शासन स्तर से प्राप्त पत्रों और सुशासन तिहार के तहत मिले आवेदनों की भी बिंदुवार समीक्षा की गई। आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी शिकायतों और जनसमस्याओं से जुड़े मामलों को गंभीरता से लेते हुए तय समय-सीमा के भीतर निराकरण सुनिश्चित करें।

