खेत में काम कर रहे किसानों को कीचड़ में दिखा मगरमच्छ, वन विभाग की टीम ने किया सुरक्षित रेस्क्यू
कोरबा (AkhandBharatHNKP.Com)। जिले के तरदा गांव में शनिवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया जब खेत में काम कर रहे किसानों की नजर कीचड़ में बैठे एक मगरमच्छ पर पड़ी। करीब 3 से 4 फीट लंबे मगरमच्छ को देखते ही ग्रामीणों ने इसकी जानकारी आसपास के लोगों को दी। कुछ ही देर में बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए।

ग्रामीणों ने साहस दिखाते हुए रस्सी और जाल की मदद से मगरमच्छ को पकड़ लिया। इसके बाद उसे सुरक्षित स्थान पर बांधकर वन विभाग को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही वन विभाग की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और मगरमच्छ को अपने कब्जे में लेकर सुरक्षित कर लिया। मगरमच्छ दिखाई देने की खबर गांव में फैलते ही बड़ी संख्या में लोग खेत के आसपास जमा हो गए। ग्रामीणों ने सावधानी बरतते हुए रस्सी और जाल की सहायता से मगरमच्छ को काबू में किया। ग्रामीणों के मुताबिक मगरमच्छ की लंबाई करीब 3 से 4 फीट थी और इसे मगरमच्छ का बच्चा माना जा रहा है। ग्रामीणों की सूचना पर वन विभाग की रेस्क्यू टीम तत्काल तरदा गांव पहुंची। टीम ने मगरमच्छ का प्राथमिक परीक्षण किया और उसे सुरक्षित अपने कब्जे में ले लिया। रेस्क्यू टीम के सदस्य जितेंद्र सारथी ने बताया कि ग्रामीणों से खेत में मगरमच्छ होने की सूचना मिली थी। ग्रामीणों ने उसे पकड़कर सुरक्षित रखा था। अभी तक क्षेत्र में एक ही मगरमच्छ मिलने की जानकारी है। उच्च अधिकारियों के निर्देश के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी और मगरमच्छ को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया जाएगा।
हसदेव नदी का जलस्तर बढऩे से खेत तक पहुंचने की आशंका
वन विभाग के अनुसार तरदा गांव हसदेव नदी के किनारे बसा हुआ है। लगातार बारिश के कारण नदी का जलस्तर बढऩे से मगरमच्छ बहकर खेतों तक पहुंचा होगा। विभाग को आसपास के क्षेत्र में और मगरमच्छ होने की आशंका है। इसे देखते हुए नदी किनारे और आसपास के खेतों में निगरानी तथा सर्च अभियान चलाया जा रहा है।
वन विभाग ने ग्रामीणों को किया सतर्क
वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे नदी और जलभराव वाले क्षेत्रों में अकेले न जाएं। बच्चों को भी नदी किनारे जाने से रोकने की सलाह दी गई है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि कहीं मगरमच्छ दिखाई दे तो उसे पकडऩे या उसके करीब जाने की कोशिश न करें। तत्काल वन विभाग को सूचना दें, ताकि प्रशिक्षित टीम मौके पर पहुंचकर सुरक्षित रेस्क्यू कर सके।

