गेवरा, दीपका, कुसमुंडा और रायगढ़ खदानों में स्थापित हुए ट्रक डिस्पैच मॉनिटरिंग कंट्रोल रूम, रियल-टाइम निगरानी से बढ़ेगी दक्षता
बिलासपुर (AkhandBharatHNKP.Com)। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) ने कोयला डिस्पैच व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, तेज और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सतर्कता विभाग की पहल पर निवारक सतर्कता (प्रिवेंटिव विजिलेंस) के तहत कंपनी की प्रमुख खदानों गेवरा, दीपका, कुसमुंडा और रायगढ़ में समर्पित ट्रक डिस्पैच मॉनिटरिंग कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं।
इन कंट्रोल रूम का विकास एसईसीएल ने अपने संसाधनों से इन-हाउस किया है। यह कंपनी की तकनीकी क्षमता, नवाचार और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय का उदाहरण माना जा रहा है। नए कंट्रोल रूम में डिजिटल रियल-टाइम डैशबोर्ड के माध्यम से ट्रकों की आवाजाही, कोयला डिस्पैच की स्थिति और परिचालन संबंधी संभावित बाधाओं की लगातार निगरानी की जाएगी। इससे किसी भी समस्या की समय रहते पहचान कर तत्काल समाधान संभव हो सकेगा।
अनियमितताओं पर रोक, बढ़ेगी पारदर्शिता
सतर्कता विभाग के अनुसार इस पहल का उद्देश्य केवल अनियमितताओं का पता लगाना नहीं, बल्कि पूरी व्यवस्था में प्रणालीगत सुधार लाना है। इससे डिस्पैच प्रक्रिया में होने वाली अनावश्यक देरी, परिचालन संबंधी बाधाएं और पारदर्शिता की कमी जैसी समस्याओं को कम करने में मदद मिलेगी।
कम होगा ट्रक टर्नअराउंड टाइम
नई व्यवस्था से ट्रकों का टर्नअराउंड टाइम (TAT) घटाने, वाहनों की आवाजाही में विलंब कम करने और कोयला निकासी व डिस्पैच की गति बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है। साथ ही, रियल-टाइम डेटा के आधार पर त्वरित और सटीक निर्णय लेना भी आसान होगा।
तकनीक आधारित निगरानी से बनेगा नया मानक
एसईसीएल की यह पहल केंद्रीय सतर्कता आयोग की निवारक सतर्कता की अवधारणा के अनुरूप पारदर्शिता, जवाबदेही और दक्षता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। डिजिटल तकनीक, रियल-टाइम मॉनिटरिंग और सक्रिय परिचालन प्रबंधन के जरिए एसईसीएल कोयला डिस्पैच व्यवस्था को अधिक आधुनिक, पारदर्शी और तकनीक-सक्षम बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड अभियान में एसईसीएल का मेगा प्लांटेशन, एक दिन में लगाए 15 हजार पौधे

