महादेव बेटिंग केस: ED के सामने बोलीं शेफाली बग्गा, पिता संभालते थे सट्टा ऐप्स की डील

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      • 30 लाख नकदी, सट्टा ऐप्स के प्रमोशन और विदेश यात्राओं को लेकर दो दिन तक चली पूछताछ, 58 लाख फॉलोअर्स वाले सोशल मीडिया अकाउंट की भी जांच

      रायपुर (AkhandBharatHNKP.Com)। महादेव ऑनलाइन बेटिंग सिंडिकेट से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने टीवी होस्ट और ‘बिग बॉस’ की पूर्व प्रतिभागी शेफाली बग्गा से लगातार दूसरे दिन भी लंबी पूछताछ की। जांच के दौरान एजेंसी ने उनके दिल्ली स्थित आवास से बरामद 30 लाख रुपये नकद, अवैध बेटिंग ऐप्स के प्रचार, विदेश यात्राओं और सिंडिकेट से कथित संबंधों को लेकर कई सवाल पूछे।

          शेफाली बग्गा

          ED के अनुसार, यह कार्रवाई 30 मई को दिल्ली स्थित उनके घर पर हुई छापेमारी के बाद शुरू हुई जांच का हिस्सा है। छापेमारी के दौरान 30 लाख रुपये नकद जब्त किए गए थे। एजेंसी का दावा है कि यह राशि अवैध बेटिंग ऐप्स के प्रमोशन से अर्जित की गई थी। जांच एजेंसी के मुताबिक, पूछताछ में शेफाली बग्गा ने बताया कि सट्टा ऐप्स के प्रमोशन से जुड़ी डील, एंडोर्समेंट, कैश भुगतान लेना और वित्तीय लेन-देन का पूरा काम उनके पिता विपिन बग्गा संभालते थे। ED का कहना है कि जब्त की गई नकदी भी इन्हीं गतिविधियों से जुड़ी कमाई का हिस्सा है। ED के अनुसार, शेफाली बग्गा अपने 58 लाख फॉलोअर्स वाले इंस्टाग्राम अकाउंट के जरिए लोगों को एक टेलीग्राम चैनल तक पहुंचाती थीं, जहां कथित तौर पर बेटिंग टिप्स, कैश-आउट, प्रॉफिट बुक और बेटिंग ऐप्स से पैसे निकालने संबंधी जानकारी साझा की जाती थी। एजेंसी का दावा है कि प्रचार के दौरान यह भरोसा भी दिलाया जाता था कि सरकारी एजेंसियां या आयकर विभाग कोई कार्रवाई नहीं कर पाएंगे।

          30 लाख नकदी और प्रमोशन से कमाई का दावा

          ED का कहना है कि धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) की धारा-17 के तहत दर्ज बयान में शेफाली ने स्वीकार किया कि उन्होंने यह जानते हुए भी सोशल मीडिया पर अवैध बेटिंग ऐप्स का प्रचार किया कि यह गैरकानूनी है। एजेंसी के मुताबिक, उनके घर से बरामद 30 लाख रुपये इसी प्रचार से हुई कमाई का हिस्सा हैं। ED ने शेफाली बग्गा के साथ उनके पिता विपिन बग्गा और भाई शिवांश बग्गा को भी समन जारी किया था। अधिकारियों के अनुसार, शेफाली शुरुआती तीन समन पर पेश नहीं हुई थीं, लेकिन गुरुवार और शुक्रवार को पूछताछ में शामिल हुईं। वहीं, उनके पिता और भाई अब तक एजेंसी के सामने उपस्थित नहीं हुए हैं।

          महादेव सिंडिकेट और स्काई एक्सचेंज से संबंधों की पड़ताल

          जांच एजेंसी का दावा है कि शेफाली बग्गा के संबंध महादेव सिंडिकेट के कथित सदस्य एवं हवाला ऑपरेटर खंजन जगदीश कुमार ठक्कर से रहे हैं। इसके अलावा स्काई एक्सचेंज बेटिंग प्लेटफॉर्म से जुड़े लोगों के साथ उनके संपर्कों की भी जांच की जा रही है। दो दिन की पूछताछ के दौरान ED ने शेफाली बग्गा से दुबई और लंदन यात्राओं, लग्जरी होटलों में ठहरने के खर्च, कैश भुगतान की व्यवस्था और महादेव सिंडिकेट से कथित परिचय को लेकर सवाल किए। एजेंसी यह भी जांच कर रही है कि क्या उन्हें हवाला नेटवर्क के जरिए भुगतान किया गया था।

          सेलिब्रिटी प्रमोशन के जरिए बढ़ाए जाते थे यूजर्स

          ED का आरोप है कि महादेव बेटिंग सिंडिकेट सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और सेलिब्रिटीज के जरिए नए यूजर्स को बेटिंग प्लेटफॉर्म से जोड़ता था। इसके बाद अवैध कमाई को हवाला, शेल कंपनियों और जटिल वित्तीय लेन-देन के जरिए छिपाने का प्रयास किया जाता था।

          महादेव बेटिंग ऐप केस : स्पोर्ट्स प्रेजेंटर शेफाली बग्गा से ED की 5 घंटे पूछताछ, आरोपों से किया इनकार

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