धमतरी (AkhandBharatHNKP.Com)। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुरुवार सुबह कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल के आवास पर दबिश दी। यह कार्रवाई शराब घोटाला, कोल लेवी और कस्टम मिलिंग मामले से जुड़ी जांच के तहत की जा रही है। ईडी की टीम घर के अंदर दस्तावेज और अन्य महत्वपूर्ण रिकॉर्ड खंगाल रही है।

जानकारी के मुताबिक ईडी की टीम सुबह करीब 7 बजे दो अलग-अलग वाहनों से रामगोपाल अग्रवाल के घर पहुंची। टीम में अधिकारियों के साथ सुरक्षा बल के जवान भी शामिल हैं। कुल करीब 8 सदस्यीय टीम कार्रवाई में जुटी हुई है। घर के बाहर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और किसी भी बाहरी व्यक्ति को अंदर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। अधिकारियों द्वारा घर के अंदर मौजूद दस्तावेजों, रिकॉर्ड और अन्य जरूरी कागजात की जांच की जा रही है। फिलहाल ईडी की कार्रवाई जारी है और जांच पूरी होने के बाद ही मामले से जुड़ी विस्तृत जानकारी सामने आने की संभावना है।
8 दिन पहले हुई थी गिरफ्तारी
रामगोपाल अग्रवाल शराब घोटाला मामले में पहले भी ईडी की कार्रवाई का सामना कर चुके हैं। करीब 8 दिन पहले प्रवर्तन निदेशालय ने उन्हें गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद उन्हें रायपुर कोर्ट में पेश किया गया था। जांच एजेंसियों के मुताबिक, वर्ष 2019 से 2022 के बीच राज्य की सरकारी शराब बिक्री व्यवस्था में कथित तौर पर एक सिंडिकेट के जरिए अवैध शराब बिक्री, कमीशनखोरी और सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने का आरोप है। ED और EOW की जांच में इस पूरे नेटवर्क से करीब 3,200 करोड़ रुपए के कथित घोटाले का दावा किया गया है। मामले में अधिकारियों, कारोबारियों और राजनीतिक रूप से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है। हालांकि, इन आरोपों की न्यायिक पुष्टि अभी नहीं हुई है और मामला जांच एवं अदालती प्रक्रिया में है।
कोल लेवी मामले में भी जांच
कथित कोल लेवी घोटाला वर्ष 2020 से 2022 के बीच कोयला परिवहन से जुड़ी अवैध वसूली के आरोपों से संबंधित है। जांच एजेंसियों के अनुसार, कोयला परिवहन करने वाले कारोबारियों से प्रति टन के हिसाब से कथित तौर पर अवैध राशि वसूली गई। जांच एजेंसियों ने इस नेटवर्क के जरिए करीब 540 करोड़ रुपए की कथित अवैध लेवी वसूली का दावा किया है। मामले में अधिकारियों, कारोबारियों, बिचौलियों और राजनीतिक रूप से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच चल रही है।
कस्टम मिलिंग मामले में भी कार्रवाई
कस्टम मिलिंग प्रोत्साहन से जुड़ा कथित घोटाला धान की मिलिंग के लिए राइस मिलर्स को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि में अनियमितताओं के आरोपों से जुड़ा है। EOW के अनुसार, वर्ष 2015 से 2023 के बीच प्रोत्साहन राशि बढ़ाने और उसके भुगतान में कथित नियम उल्लंघन किया गया। जांच एजेंसी का दावा है कि इस प्रक्रिया में करीब 127 करोड़ रुपए की अनियमितता हुई। फिलहाल ED की धमतरी में चल रही कार्रवाई को इन मामलों की जांच से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, जांच पूरी होने के बाद ही कार्रवाई और बरामदगी से जुड़ी आधिकारिक जानकारी स्पष्ट हो सकेगी।

