कोरबा (AkhandBharatHNKP.Com)। मनरेगा बचाओ अभियान संग्राम के तहत कोसाबाड़ी चौक पर बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता एकत्रित हुए। जहां मंच के माध्यम से कांग्रेस नेताओं ने केन्द्र सरकार की नीतियों पर जमकर निशाना साधा और कलेक्टर कार्यालय का घेराव करने नारेबाजी के साथ रैली निकाली गई। कलेक्टर कार्यालय की ओर बढ़ रही रैली को रोकने के लिए प्रशासन ने पहले से ही भारी पुलिस बल तैनात कर बेरिकेडिंग की थी। प्रदर्शनकारियों ने पहला बेरिकेड हटाकर आगे बढऩे का प्रयास किया, लेकिन दूसरे बेरिकेड पर उन्हें रोक लिया गया। यहाँ कांग्रसियो ने जिला प्रशासन को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौपा।

कांग्रेस ने केंद्र सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के स्वरूप में बदलाव और कथित रूप से नाम परिवर्तन के विरोध में देशव्यापी मनरेगा बचाओ अभियान छेड़ा है। इसी क्रम में कोरबा जिला शहर एवं ग्रामीण कांग्रेस कमेटी द्वारा प्रदर्शन किया गया।

इस अवसर पर सांसद ज्योत्सना महंत ने कहा कि केंद्र की भारतीय जनता पार्टी सरकार ने मनरेगा की मूल भावना को समाप्त कर श्रमिकों से काम का अधिकार छीनने का प्रयास किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले यह कानून संविधान के अनुच्छेद 21 से जुड़े अधिकारों पर आधारित था, लेकिन अब इसे केंद्र नियंत्रित योजना में बदला जा रहा है।
पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि केंद्र सरकार ने सुधार के नाम पर लोकसभा में बिल पारित कर दुनिया की सबसे बड़ी रोजगार गारंटी योजना को कमजोर किया है। उन्होंने इसे गरीब मजदूरों से काम का अधिकार छीनने की कोशिश बताते हुए कहा कि नया ढांचा योजना को एक सशर्त और केंद्र नियंत्रित स्कीम में बदल दिया है। कोरबा के कांग्रेस संगठन प्रभारी विजय केशरवानी ने कहा कि मनरेगा रोजगार गारंटी का कानून था, जिसके तहत श्रमिकों को काम पाने का वैधानिक अधिकार प्राप्त था। उन्होंने कहा कि पिछले दो दशकों से यह योजना 12 करोड़ से अधिक श्रमिकों के लिए जीवनरेखा साबित हुई है और कोविड महामारी के दौरान भी इसने आर्थिक सुरक्षा प्रदान की।
विधायक फूलसिंह राठिया ने कहा कि मनरेगा गरीबों के लिए रोजगार का मजबूत सहारा रहा है। नियमों में बदलाव से रोजगार का वैधानिक अधिकार समाप्त होने की आशंका है और योजना केंद्र सरकार की मर्जी पर निर्भर हो जाएगी।
पूर्व विधायक मोहित केरकेट्टा ने आरोप लगाया कि भाजपा ने भगवान राम के नाम पर भ्रम फैलाया है। उन्होंने कहा कि वीबीजी रामजी का पूर्ण रूप विकसित भारत गारंटी रोजगार आजीविका मिशन ग्रामीण बताया जा रहा है, जिसका भगवान राम से कोई संबंध नहीं है। पूर्व विधायक पुरूषोत्तम कंवर ने कहा कि वर्ष 2005 में तत्कालीन मनमोहन सिंह सरकार ने मनरेगा अधिनियम लागू किया था, जो अधिकार आधारित कानून था। अब नियमों में बदलाव कर उस वैधानिक अधिकार को कमजोर किया जा रहा है।
सभा को पूर्व विधायक संयुक्त महामंत्री हरीश परसाई, श्यामलाल कंवर, पूर्व महापौर राजकिशोर प्रसाद, पूर्व सभापति श्याम सुुंदर सोनी, कटघोरा नगर पालिका अध्यक्ष राज जायसवाल, पूर्व जिला अध्यक्ष नत्थुलाल यादव, पूर्व अध्यक्ष सपना चौहान, महिला कांग्रेस अध्यक्ष कुसुम द्विवेदी, छुरी नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष अशोक देवांगन, पूर्व सभापति धुरपाल सिंह कंवर, उपाध्यक्ष राजेन्द्र सिंह ठाकुर, नेता प्रतिपक्ष कृपाराम साहु, सांसद प्रतिनिधि शोभना देवांगन, प्रदीप अग्रवाल सहित ब्लॉक अध्यक्षों, मंडल अध्यक्षों ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन जिला अध्यक्ष मुकेश राठौर ने किया व आभार ग्रामीण अध्यक्ष मनोज चौहान ने व्यक्त किया ।
इनकी रही उपस्थिति
इस मौके पर मुख्य रूप से महेन्द्र थवाईत, हीरा यादव, नंद कुमार देवांगन, प्रमोद श्रीवास तुमान, शांति स्वरूप महंत रामपुर, यशपाल सिंह गजरा, फिरोज अनंत मोंगरा, अजय कंवर गजरा, मानिकपुरी टेलर्स बांकी, धनंजय दिवान कुसमुण्डा, खिलावन देवांगन उमरेली, पुष्पा पात्रे, ओमप्रकाश चंद्रवंशी, जया लहरे, रजनीश तिवारी, संतोष देवांगन, सूरज मानिकपुरी, मेवालाल मन्नेवार, योगेश कंवर दीपका, बोधन लाल रंजना, गोरेलाल कटघोरा, पुरान सिंह चैतमा, लक्ष्मीनारायण बरपाली, प्रीतम शुक्ला बरपाली, मनहरण राठौर, पालुराम साहु, प्रदीप पुरायणे, दुष्यंत शर्मा, संतोष राठौर, राजेन्द्र तिवारी, मस्तुल कंवर, रोपा तिर्की, बद्रीकिरण, सुरती कुलदीप, रवि चंदेल, गोपाल यादव, राजेश यादव, डॉ.रामगोपाल यादव, रवि खुंटे, ए डी जोशी, देव जायसवाल, अनुज जायसवाल, प्रभा तंवर, आनंद मित्तल, विनोद कुर्रे बंजारी, प्रशांत सिंह, अजीत बर्मन, विवेक श्रीवास, बृजभूषण प्रसाद, डॉ. गोपाल कुर्रे सहित भारी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे।

