दुर्ग-भिलाई (AkhandBharatHNKP.Com)। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के बोरई स्थित जवाहर नवोदय स्कूल में मोबाइल फोन रखने के आरोप में दो शिक्षकों द्वारा छात्रों की पिटाई किए जाने का मामला सामने आया है। घटना पुलगांव थाना क्षेत्र की है। 24 फरवरी को 9 पीडि़त छात्र अपने अभिभावकों के साथ थाने पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई।

जानकारी के अनुसार विद्यालय में मोबाइल लाने की अनुमति नहीं है, बावजूद इसके कक्षा 10वीं और 12वीं के कुछ छात्र कथित रूप से छिपाकर मोबाइल का उपयोग कर रहे थे। इस पर नाराज शिक्षकों ने छात्रों को प्रिंसिपल कार्यालय में मोबाइल जमा कराने को कहा। आरोप है कि बाद में वाइस प्रिंसिपल के केबिन में बुलाकर लकड़ी के डंडे, लात-घूंसों और हाथ-मुक्कों से मारपीट की गई। शिकायत में बताया गया है कि मारपीट के दौरान एक छात्र की आंखें लाल हो गईं, एक के कान से खून निकला, जबकि एक अन्य छात्र को प्राइवेट पार्ट पर लात मारने से सूजन और तेज दर्द की शिकायत हुई। घटना स्कूल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई, जिसके आधार पर पुलिस ने कार्रवाई की।
पीडि़त छात्रों ने 22 फरवरी को अपने परिजनों को फोन कर घटना की जानकारी दी। 24 फरवरी को परिजन पुलगांव थाने पहुंचे और शिक्षक पीयूष कुमार (41) तथा पीटी शिक्षक रविशंकर मंडलोई (54) के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। छात्र के पिता डोमन देशलहरा ने पुलिस को बताया कि उनके बेटे ने फोन पर वाइस प्रिंसिपल कक्ष में बेरहमी से पिटाई किए जाने की बात कही। रिजनों का आरोप है कि पीटी शिक्षक ने जूते पहनकर एक छात्र को प्राइवेट पार्ट में लात मारी, जिससे उसे गंभीर दर्द और सूजन की समस्या हुई है। अन्य 10 छात्रों के साथ भी मारपीट का आरोप लगाया गया है। यह भी कहा गया कि 23 फरवरी को जब छात्र के पिता स्कूल पहुंचे और प्रभारी प्रिंसिपल शंकर प्रसाद से घटना के बारे में पूछा, तो उन्होंने जानकारी होने से इनकार किया।
निलंबन की कार्रवाई
छात्रों से मारपीट की शिकायत नगपुरा पुलिस चौकी में की गई थी। जांच के बाद पुलगांव थाने में दोनों आरोपित शिक्षकों को गिरफ्तार कर लिया गया। वहीं, जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) ने भी दोनों शिक्षकों को निलंबित कर दिया है। पुलिस का कहना है कि परिजनों की शिकायत के आधार पर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है और मामले की जांच जारी है।

