रायपुर (AkhandBharatHNKP.Com)। छत्तीसगढ़ से राज्यसभा की दो खाली हो रही सीटों के लिए सियासी बिसात बिछ चुकी है। भाजपा ने अपनी रणनीति स्पष्ट करते हुए प्रदेश उपाध्यक्ष लक्ष्मी वर्मा को उम्मीदवार बनाया है। दूसरी ओर, कांग्रेस खेमे में अभी भी मंथन जारी है। क्या कांग्रेस अपनी वर्तमान सांसद फूलोदेवी नेताम को दोबारा मौका देने वाली है।

कांग्रेस की फूलोदेवी नेताम का कार्यकाल 9 अप्रैल 2026 को समाप्त हो रहा है। बस्तर से आने वाली आदिवासी नेता फूलोदेवी नेताम को दोबारा भेजे जाने की चर्चा है ताकि पार्टी का आदिवासी वोट बैंक सुरक्षित रहे। कांग्रेस आलाकमान स्थानीय बनाम बाहरी के विवाद को खत्म करने के लिए किसी स्थानीय छत्तीसगढ़ी चेहरे पर ही दांव लगा सकता है। रेस में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, टी एस सिहदेव और प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज जैसे दिग्गज नेताओं के नाम भी शामिल हैं।
भाजपा का ‘मातृशक्ति‘ कार्ड लक्ष्मी वर्मा बनीं उम्मीदवार
भाजपा ने सात नामों के पैनल में से लक्ष्मी वर्मा के नाम पर मुहर लगाई है। कुर्मी समाज में अच्छी पकड़ रखने वाली लक्ष्मी वर्मा को उम्मीदवार बना कर भाजपा ने सामाजिक समीकरण और महिला प्रतिनिधित्व (मातृशक्ति) दोनों को साधने की कोशिश की है। वे 5 मार्च को अपना नामांकन दाखिल करेंगी।
छत्तीसगढ़ विधानसभा में वर्तमान विधायकों की संख्या
- भाजपा:54 विधायक
- कांग्रेस:35 विधायक
- गोंगपा:01 विधायक
नियमों के मुताबिक, एक सीट जीतने के लिए कम से कम 31 प्रथम वरीयता के वोटों की आवश्यकता होती है। संख्या बल के आधार पर एक सीट भाजपा और एक सीट कांग्रेस के खाते में जाना लगभग तय माना जा रहा है। चूंकि दोनों पार्टियों को एक-एक सीट आसानी से मिल रही है, इसलिए यदि कोई अतिरिक्त उम्मीदवार मैदान में नहीं आता है, तो मतदान की नौबत नहीं आएगी और निर्विरोध निर्वाचन संभव है।

