कोलकाता (एजेंसी)। पश्चिम बंगाल की राजनीति में विधानसभा चुनाव के बाद उथल-पुथल तेज हो गई है। सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में अंदरूनी असंतोष और संभावित टूट की चर्चाओं के बीच 18 विधायक मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की प्रशासनिक बैठक में शामिल हुए। इस घटनाक्रम ने राज्य की राजनीति में नई अटकलों को जन्म दे दिया है।
जानकारी के अनुसार, पार्टी से निष्कासित किए गए विधायक ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा के नेतृत्व में अलग गुट बनने की चर्चाएं तेज हैं। दावा किया जा रहा है कि दोनों नेताओं के संपर्क में बड़ी संख्या में विधायक हैं और वे खुद को “वास्तविक टीएमसी” बताने की तैयारी में हैं। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इधर, हालात को देखते हुए टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने बड़ा संगठनात्मक फैसला लेते हुए पार्टी की सभी समितियों और सहयोगी संगठनों को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है। पार्टी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि संगठन की व्यापक समीक्षा, प्रदर्शन मूल्यांकन और आत्ममंथन के बाद नई संरचना का गठन किया जाएगा।
ये विधायक बैठक में हुए शामिल
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी द्वारा बुलाई गई प्रशासनिक बैठक में टीएमसी के 18 विधायक शामिल हुए। इनमें जावेद खान, फिरहाद हकीम, नयना दास बनर्जी, कुणाल घोष, रीताब्रत बनर्जी, संदीपन साहा, अशोक देव, अरुणाभा सेन, समीर पांजा, प्रिया पाल, गुलशन मल्लिक, तपस मैती, नीलिमा मिस्त्री, अब्दुल खालेक मोल्लाह, बहारुल इस्लाम, परेशराम दास, जॉयदेव हलदर और समीर जाना के नाम शामिल बताए जा रहे हैं।
टूट की अटकलों को मिला बल
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि निष्कासित विधायकों ने अपने समर्थक विधायकों के साथ कई दौर की बैठकें की हैं। वहीं पार्टी के पूर्व नेता रिजू दत्ता ने दावा किया है कि बड़ी संख्या में विधायक अलग राह चुनने पर विचार कर रहे हैं। हालांकि पार्टी नेतृत्व ने आधिकारिक तौर पर किसी संभावित टूट से इनकार किया है।

