बलरामपुर (AkhandBharatHNKP.Com)। बलरामपुर जिले में कुसमी के बाद अब कोरंधा थाना क्षेत्र के खजूरी पंचायत में अवैध अफीम की खेती का मामला सामने आया है। ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और फसल का निरीक्षण किया।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर जानकारी साझा की कि खजूरी गांव के तुर्रापानी इलाके में करीब डेढ़ एकड़ जमीन पर अफीम की फसल उगाई गई थी। हालांकि, बलरामपुर एसपी वैभव बैंकर ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार यह इलाका झारखंड सीमा से सटा पहाड़ी क्षेत्र है, जहां आम लोगों का आना-जाना कम होता है। खजूरी गांव में यह तीसरा मामला है, कुसमी के त्रिपुरी गांव में पहले 3 एकड़ में अफीम की खेती जब्त की गई थी, जिसकी कीमत 2 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई थी। उस कार्रवाई में 1 किलो 900 ग्राम अफीम लेटैक्स भी बरामद किया गया था।
7 लोग हिरासत में
पुलिस ने अफीम की खेती में शामिल 7 लोगों को हिरासत में लिया है, जिनमें भाजपा नेता और पूर्व सरपंच जिरमल राम भी शामिल हैं। मुख्य सरगना की तलाश में पुलिस टीम झारखंड रवाना हो गई है। एसपी वैभव बैंकर ने बताया कि त्रिपुरी में अफीम मिलने के बाद प्रशासन ने गांव के पटवारी और कोटवारों को अलर्ट किया था। उसी क्रम में खजूरी में भी अवैध खेती की जानकारी मिली। फिलहाल मामले की तस्दीक और आगे की कार्रवाई जारी है।
अफीम की खेती करने वालों की दुकान पर चला प्रशासन का बुलडोजर, हटाया गया अवैध कब्जा

