एक हफ्ते की डेडलाइन, लापरवाही पर होगी कार्रवाई, जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित
कोरबा (AkhandBharatHNKP.Com)। जिले में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर कुणाल दुदावत की अध्यक्षता एवं पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी की उपस्थिति में जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए ठोस और त्वरित उपायों पर विस्तार से चर्चा हुई।
कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि चिन्हित ब्लैक स्पॉट और दुर्घटनाजन्य क्षेत्रों में सुधार कार्य एक सप्ताह के भीतर हर हाल में पूरे किए जाएं। उन्होंने पेड़ों की कटाई, झाडिय़ों की सफाई, अतिक्रमण हटाने, सड़क किनारे सोल्डर भरने, रिफ्लेक्टर और संकेतक बोर्ड लगाने, रंबल स्ट्रिप्स एवं प्रकाश व्यवस्था सुधार जैसे कार्यों को प्राथमिकता देने को कहा। उन्होंने चेतावनी दी कि तय समय सीमा में कार्य पूर्ण नहीं होने पर संबंधित एजेंसियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। बैठक में आयुक्त आशुतोष पांडेय, जिला पंचायत सीईओ दिनेश कुमार नाग, ओएसडी तरुण कुमार किरण, अपर कलेक्टर देवेंद्र पटेल, ओंकार यादव, सहायक कलेक्टर क्षितिज गुरभेले, परिवहन अधिकारी विवेक सिन्हा, पीडब्ल्यूडी ईई जी.आर. जांगड़े सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
संवेदनशील मार्गों की समीक्षा, सुधार कार्यों में तेजी के निर्देश
बैठक में बैरा घाट, पोडीकला घाट, उरगा चौक-कोरबा मार्ग, राताखार-जोड़ा पुल, बालको ऐश डेक रोड समेत जिले के प्रमुख संवेदनशील और व्यस्त मार्गों की समीक्षा की गई। कई स्थानों पर सड़क चौड़ीकरण, मोड़ सुधार और क्रैश बैरियर जैसे कार्य प्रगति पर होने की जानकारी दी गई। कलेक्टर ने जोखिमपूर्ण क्षेत्रों में पेड़ों की कटाई, ढाल सुधार और सड़क किनारों को मजबूत करने के निर्देश दिए। साथ ही स्कूलों के पास विशेष सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने को कहा।
भारी वाहन चालकों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण अनिवार्य
कलेक्टर ने एसईसीएल और बालको सहित सभी औद्योगिक संस्थानों को वर्ष में दो बार चालकों के नेत्र परीक्षण शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए। साथ ही कोयला और फ्लाई ऐश परिवहन मार्गों पर नियमित पानी छिड़काव सुनिश्चित करने को कहा गया। पीडब्ल्यूडी सेतु विभाग को सभी पुल-पुलियों का सर्वे कर क्षतिग्रस्त हिस्सों की शीघ्र मरम्मत करने के निर्देश दिए गए। वहीं परिवहन विभाग को ओवरलोड वाहनों के खिलाफ नियमित जांच अभियान चलाने और उडऩदस्ता दल को सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए।
हिट एंड रन पीडि़तों को सहायता दिलाने के निर्देश
कलेक्टर ने हिट एंड रन मामलों में पीडि़त परिवारों को सहायता दिलाने तथा मृत्यु की स्थिति में दो लाख रुपये तक की सहायता योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। साथ ही निबंध, क्विज और नुक्कड़ नाटक के माध्यम से आम नागरिकों और विद्यार्थियों में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया। कलेक्टर ने कहा कि सड़क सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
डीएमएफ परियोजनाओं में परिणाम आधारित कार्य करें सुनिश्चित : कलेक्टर

