** जय माँ गुरु **
तेरी जिन्दगी में केवल चार बातें हैं और यह भी जरूरी नहीं कि तू चारों को याद कर |
यदि तुझे खुशनसीब होकर जीना है तो दो बातें – यानी भलाई, जो तुने किसी के साथ की हो और बुराई जो किसी दूसरे ने तेरे साथ की हो- दोनों को हमेशा-हमेशा के लिए भूल जा
और दो बातें- पहला मालिक और दूसरी मौत को सर्वदा याद रख ।
परम पूज्य अघोरेश्वर महाप्रभु



