एसईसीएल-सीडब्ल्यूसी के बीच रणनीतिक एमओयू, कोयला परिवहन को मिलेगा नया बल

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      • रेल लॉजिस्टिक्स और कोयला निकासी क्षमता बढ़ाने की दिशा में अहम पहल

      रायपुर (AkhandBharatHNKP.Com)। साऊथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) एवं सेंट्रल वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन (सीडब्ल्यूसी) के बीच कोयला परिवहन, रेल लॉजिस्टिक्स और एकीकृत परिवहन सेवाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से रणनीतिक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते के जरिए कोयला निकासी क्षमता को बढ़ाने और विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों तक निर्बाध ईंधन आपूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है।

          कोयला मंत्रालय के मार्गदर्शन में एसईसीएल लगातार देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने तथा कोयला लॉजिस्टिक्स अवसंरचना को बेहतर बनाने के लिए प्रयासरत है। इसी कड़ी में सीडब्ल्यूसी के साथ की गई यह साझेदारी कोयला परिवहन व्यवस्था को अधिक प्रभावी और व्यवस्थित बनाने में सहायक मानी जा रही है। समझौते का मुख्य उद्देश्य बिजली, इस्पात, सीमेंट और अन्य प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों की बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए विश्वसनीय, दक्ष एवं समर्पित रेल लॉजिस्टिक्स समाधान उपलब्ध कराना है, जिससे एसईसीएल की कोयला निकासी क्षमता को और मजबूती मिलेगी। एमओयू के तहत समर्पित रेलवे रेक संचालन, एकीकृत कोयला परिवहन समाधान, मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स, फर्स्ट-माइल एवं लास्ट-माइल कनेक्टिविटी के विकास तथा परिचालन दक्षता बढ़ाने के लिए डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम के उपयोग पर सहयोग किया जाएगा।

          डिस्पैच दक्षता में होगी सुधार

          प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार दोनों संस्थाएं संयुक्त रूप से जीपीडब्ल्यूआईएस अथवा समकक्ष योजनाओं के तहत रेक संचालन, एकीकृत रेल लॉजिस्टिक्स सेवाओं और दीर्घकालिक परिवहन समाधान विकसित करने की संभावनाओं पर काम करेंगी। इससे डिस्पैच दक्षता में सुधार और लॉजिस्टिक बाधाओं में कमी आने की उम्मीद जताई गई है। यह समझौता एसईसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक हरीश दुहन तथा सीडब्ल्यूसी के प्रबंध निदेशक संतोष सिन्हा की उपस्थिति में संपन्न हुआ। इस दौरान एसईसीएल के कार्यात्मक निदेशक, वरिष्ठ अधिकारी एवं सीडब्ल्यूसी के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।

          कोयला की मांग को पूरा करने में एसईसीएल की भूमिका अहम

          उल्लेखनीय है कि देश में बढ़ती कोयला मांग को पूरा करने में एसईसीएल की अहम भूमिका है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में कोल इंडिया लिमिटेड ने 100 मिलियन टन उत्पादन का आंकड़ा पार किया है, जिसमें एसईसीएल ने 26.8 मिलियन टन से अधिक उत्पादन कर प्रमुख योगदान दिया है। वहीं, सीडब्ल्यूसी भारत सरकार के अधीन एक नवरत्न केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रम है, जिसे वेयरहाउसिंग, रेल-आधारित माल परिवहन और मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स सेवाओं का व्यापक अनुभव प्राप्त है।

          एसईसीएल के कार्यों की केंद्रीय मंत्री दुबे ने की समीक्षा, डिजिटल पोर्टल और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधा का किया शुभारंभ

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