मानसून सत्र : विधानसभा में नकटी कार्रवाई और बाघ शिकार पर गरमाई बहस, विपक्ष का हंगामा, कांग्रेस विधायक निलंबित

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      • महंत ने इंद्रावती टाइगर रिजर्व में बाघों के शिकार पर सरकार को घेरा, सरकार ने नकटी बुलडोजर कार्रवाई को बताया पूरी तरह वैधानिक

      रायपुर (AkhandBharatHNKP.Com)। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन सदन में नकटी बुलडोजर कार्रवाई, इंद्रावती टाइगर रिजर्व में बाघों के शिकार, अमानक दवाओं की खरीद और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना सहित कई मुद्दों पर तीखी बहस हुई। विपक्ष ने नकटी मामले को लेकर सरकार को घेरा, जबकि सरकार ने बुलडोजर कार्रवाई को पूरी तरह संवैधानिक और कानून सम्मत बताया। वहीं, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने इंद्रावती टाइगर रिजर्व में बाघों के शिकार के मामले को गंभीर बताते हुए सरकार पर सवाल उठाए।

          शून्यकाल के दौरान कांग्रेस ने नकटी बुलडोजर कार्रवाई पर स्थगन प्रस्ताव लाते हुए आरोप लगाया कि गरीब परिवारों के मकानों पर की गई कार्रवाई मानवाधिकारों का उल्लंघन है। विपक्ष ने इसे “बुलडोजर कल्चर” करार देते हुए सरकार पर मनमानी का आरोप लगाया और पूरे मामले पर चर्चा की मांग की। हालांकि विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने स्थगन प्रस्ताव अस्वीकार कर दिया। इसके बाद कांग्रेस विधायक गर्भगृह में पहुंचकर नारेबाजी करने लगे, जिसके चलते सदन की कार्यवाही बाधित हुई और सभी कांग्रेस विधायकों को निलंबित कर दिया गया। राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने सदन में स्पष्ट किया कि नकटी में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पूरी तरह न्यायालयीन प्रक्रिया और कानून के अनुसार की गई। उन्होंने कहा कि सभी प्रभावितों को पहले विधिवत नोटिस जारी किए गए थे, पुनर्वास की व्यवस्था भी की गई तथा कार्रवाई के दौरान किसी के घरेलू सामान को नुकसान नहीं पहुंचाया गया।

          बाघों के शिकार पर महंत के गंभीर आरोप

          ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के दौरान नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने इंद्रावती टाइगर रिजर्व में बाघों के शिकार का मुद्दा उठाते हुए कहा कि दो बाघों की हत्या कर करीब चार करोड़ रुपये कमाए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि गिरफ्तार आईबी जवान का नाम सार्वजनिक नहीं किया गया और पूरे मामले में राजनीतिक संरक्षण दिया जा रहा है। महंत ने कहा कि सरकार स्वयं स्वीकार कर चुकी है कि पिछले 30 महीनों में छह बाघों की मौत हुई है। उन्होंने सवाल उठाया कि टाइगर रिजर्व में कैमरे होने के बावजूद शिकार कैसे हुआ और कथित रूप से कैमरे बंद क्यों रहे।

          वन मंत्री बोले- किसी को नहीं बचाया जाएगा

          वन मंत्री केदार कश्यप ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि किसी आरोपी को बचाने की कोशिश नहीं की गई है और न ही किसी का नाम छिपाया गया है। उन्होंने बताया कि टाइगर रिजर्व में 126 कैमरे लगाए गए हैं तथा कैमरे बंद होने की बात सही नहीं है। वर्ष 2022 के आकलन के अनुसार इंद्रावती टाइगर रिजर्व में पांच बाघों की पुष्टि हुई थी। मामले में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है।

          अमानक दवाओं की खरीद पर भी सरकार से जवाब-तलब

          सदन में कांग्रेस विधायक अटल श्रीवास्तव ने गुजरात की एक कंपनी की कथित अमानक दवाओं की खरीद का मुद्दा उठाया। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने जवाब देते हुए कहा कि गुजरात में प्रतिबंधित जिस दवा पर कार्रवाई हुई थी, उसकी खरीद छत्तीसगढ़ में नहीं की गई। उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों में गुणवत्ता परीक्षण में फेल होने वाली 24 दवाओं के मामले में चार कंपनियों को ब्लैकलिस्ट किया जा चुका है।

          प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना पर भी उठे सवाल

          प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत सड़कों की मरम्मत को लेकर भी सदन में चर्चा हुई। विधायक प्रबोध मिंज सहित कई विधायकों ने अपने-अपने क्षेत्रों की खराब सड़कों का मुद्दा उठाया। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बताया कि अधिकांश सड़कों का नवीनीकरण किया जा चुका है तथा शेष सड़कों की मरम्मत चरणबद्ध तरीके से कराई जाएगी। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि अब सड़कों की स्थिति का आकलन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक से किया जाएगा। सड़क का वीडियो रिकॉर्ड कर AI गड्ढों और क्षतिग्रस्त हिस्सों की स्वतः पहचान करेगा, जिससे मरम्मत कार्य अधिक पारदर्शी और प्रभावी ढंग से हो सकेगा।

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