रायपुर में छात्रों का धरना, 5 कार्यकर्ता भूख हड़ताल पर
रायपुर (AkhandBharatHNKP.Com)। लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में सोमवार को छात्र और सामाजिक संगठन सड़कों पर उतर आए। राजधानी रायपुर में डॉ. भीमराव अंबेडकर चौक पर एनएसयूआई सहित कई छात्र संगठनों ने धरना-प्रदर्शन कर शिक्षा व्यवस्था में सुधार, पेपर लीक की घटनाओं पर रोक और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शन के दौरान पांच एनएसयूआई कार्यकर्ता अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए, जबकि कुछ युवाओं ने खून से “धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो” लिखकर अपना विरोध दर्ज कराया।

धरने में शामिल छात्रों और युवाओं ने कहा कि वे दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन में शामिल नहीं हो सके, इसलिए रायपुर में रहकर ही सोनम वांगचुक के आंदोलन और शिक्षा सुधार की मांगों का समर्थन कर रहे हैं। उनका कहना है कि यह आंदोलन केवल सोनम वांगचुक का नहीं, बल्कि देशभर के लाखों छात्रों और युवाओं के भविष्य की लड़ाई है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि देश में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों ने प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लाखों अभ्यर्थियों को बार-बार परीक्षाएं देनी पड़ रही हैं, जिससे उनका समय, मेहनत और आर्थिक संसाधन प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने सरकार से परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी और जवाबदेह बनाने, दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था लागू करने की मांग की।
भूख हड़ताल पर बैठे पांच कार्यकर्ता
रायपुर में प्रदर्शन के दौरान एनएसयूआई के पांच कार्यकर्ता—हेमंत पाल, अनुज शुक्ला, इंडिया घृतलहरे, ड्रिंकल और सोनम—अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
धमतरी और बीजापुर में भी मिला समर्थन
धमतरी में सामाजिक कार्यकर्ता मितेश जैन ने गांधी मैदान में एक दिवसीय अनशन कर सोनम वांगचुक के आंदोलन का समर्थन किया। वहीं बीजापुर में बस्तर संभाग के आदिवासी युवा छात्र संगठन ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भेजकर वांगचुक की मांगों पर सकारात्मक पहल करने की अपील की। संगठन ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण, शिक्षा और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से निर्णय लिया जाना चाहिए।
दिल्ली पुलिस की कार्रवाई का भी विरोध
धरने में शामिल युवाओं ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलनकारियों के साथ हुई पुलिस कार्रवाई का भी विरोध किया। उनका कहना था कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रत्येक नागरिक को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने का अधिकार है और सरकार को इस अधिकार का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्रों और युवाओं की आवाज दबाने के बजाय उनकी समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए।
पहले दिन भी जुटे थे सैकड़ों युवा
आंदोलन के पहले दिन भी रायपुर के डॉ. भीमराव अंबेडकर चौक पर 500 से अधिक छात्र, युवा और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि एकत्र हुए थे। करीब दो घंटे तक चले प्रदर्शन में शिक्षा व्यवस्था में सुधार, पेपर लीक पर रोक और युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने की मांग उठाई गई। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने जिला प्रशासन के माध्यम से राज्यपाल के नाम ज्ञापन भी सौंपा था।
प्रमुख मांगें
- पेपर लीक में शामिल लोगों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई हो।
- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दें।
- लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन करने वालों के अधिकारों का सम्मान किया जाए।
- देशभर में पेपर लीक की घटनाओं पर सख्त और प्रभावी रोक लगाई जाए।
- परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी और जवाबदेह बनाया जाए।
- शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार लागू किए जाएं।
- प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई नहीं होती है, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
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