बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में मुनादी के निर्देश, लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील
कोरबा (AkhandBharatHNKP.Com)। जिले में लगातार हो रही बारिश के चलते मिनीमाता बांगो बांध का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। स्थिति को देखते हुए जल संसाधन विभाग ने वर्षाकाल 2026 के लिए अलर्ट जारी कर दिया है। विभाग के अनुसार जलाशय का जलभराव 354.61 मीटर (71.67 प्रतिशत) तक पहुंच चुका है। जलस्तर 359.66 मीटर होने पर बांध के गेट खोलकर हसदेव नदी में पानी छोड़ा जा सकता है।
जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता एस.के. भारती ने बताया कि हसदेव नदी के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों, खनिज खदानों, औद्योगिक इकाइयों, ठेकेदारों तथा अन्य संस्थानों को अपनी चल-अचल संपत्तियां सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि अचानक आई बाढ़ से होने वाली क्षति के लिए विभाग जिम्मेदार नहीं होगा।
गांवों में कराई जाएगी मुनादी
संभावित बाढ़ को देखते हुए बांगो, चर्रा, पोड़ी उपरोड़ा, कोनकोना, लेपरा, टुनियाकछार, पाथा, गाड़ाघाट, छिनमेर, कछार, कलमीपारा, जूनापारा, तिलाईडांड, डुगुपारा, टुंगुमांड़ा, छिर्रापारा, मछलीबाटा, कोरियाघाट, धनगांव, डोंगाघाट, नरमदा, औराकछार, सोनगुड़ा, जेलगांव, झाबू, नवागांव, तिलसाभाटा, लोतलोता, स्याहीमुड़ी, कोडा, हथमार, झोरा और सिरकीकला सहित अन्य गांवों में मुनादी कर लोगों को सतर्क करने के निर्देश दिए गए हैं।
जलस्तर पर विभाग की लगातार नजर
विभाग ने बताया कि फिलहाल जलाशय से विद्युत संयंत्रों के लिए पानी की आपूर्ति सामान्य रूप से जारी है। जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर बांध के गेट खोलने का निर्णय लिया जाएगा। एक जून से 21 जुलाई तक जिले में 409.7 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई है। सबसे अधिक 539.5 मिमी बारिश दर्री क्षेत्र में और सबसे कम 267.1 मिमी वर्षा करतला में हुई है। इसके अलावा दीपका में 452 मिमी, पाली में 480.2 मिमी, पसान में 467.3 मिमी तथा कटघोरा और पोड़ी उपरोड़ा में 439 मिमी वर्षा दर्ज की गई है।
लगातार बारिश से बढ़ा जलस्तर, हसदेव बैराज का खुला गेट, निचली बस्तियों में अलर्ट जारी

