वॉशिंगटन/तेहरान/तेल अवीव। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंचता नजर आ रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने संकेत दिए हैं कि अमेरिका ईरान पर अब तक के सबसे बड़े सैन्य हमले की तैयारी कर चुका है। उन्होंने कहा कि “तैयारी पूरी है, अब केवल अंतिम फैसला लेना बाकी है।” ट्रम्प ने यह भी कहा कि ईरान ने अभी तक “पर्याप्त दर्द” नहीं झेला है।
ट्रम्प के बयान के बाद ईरान ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी। विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि यदि अमेरिका ने हमले जारी रखे तो उसे इसकी “भारी कीमत” चुकानी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि युद्ध का समाधान नए हमलों में नहीं, बल्कि बातचीत और कूटनीति में है। बढ़ते तनाव के बीच ब्रिटेन ने भी अपनी सेना को हाई अलर्ट पर रखा है। ब्रिटिश सरकार ने कहा है कि किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए उसकी सैन्य तैयारियां पूरी हैं। इससे पहले ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने चेतावनी दी थी कि यदि अमेरिका ब्रिटेन के सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल करता है तो उन्हें भी निशाना बनाया जाएगा।
मध्य पूर्व में बढ़ी चिंता
अमेरिका, ईरान और ब्रिटेन के बयानों के बाद मध्य पूर्व में तनाव और गहरा गया है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर अब अमेरिका के अंतिम फैसले और ईरान की अगली रणनीति पर टिकी हुई है।

