रिकॉर्ड 21,105 करोड़ की आय, 8 प्रति शेयर अंतरिम लाभांश का ऐलान, उत्पादन और एबिटडा भी अब तक के सर्वोच्च स्तर पर
मुंबई। भारत की सबसे बड़ी एल्युमिनियम उत्पादक कंपनी वेदांता एल्युमिनियम मेटल लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही के शानदार वित्तीय नतीजे घोषित किए हैं। एक स्वतंत्र कंपनी के रूप में अपनी पहली तिमाही में कंपनी ने रिकॉर्ड प्रदर्शन करते हुए 205 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ ₹6,597 करोड़ का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया। कंपनी के बोर्ड ने शेयरधारकों के लिए ₹8 प्रति शेयर के पहले अंतरिम लाभांश को भी मंजूरी दी है।
कंपनी की कुल आय बढ़कर ₹21,105 करोड़ पहुंच गई, जो अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है। यह पिछली तिमाही की तुलना में 13 प्रतिशत और पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 45 प्रतिशत अधिक है। वहीं, कंपनी का एबिटडा 134 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ रिकॉर्ड ₹10,499 करोड़ रहा और एबिटडा मार्जिन बढ़कर 50 प्रतिशत पर पहुंच गया। वेदांता एल्युमिनियम का कुल एल्युमिनियम उत्पादन बढ़कर 632 किलो टन हो गया, जबकि वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स (वीएपी) का उत्पादन 389 किलो टन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा। इसके अलावा एल्युमिना उत्पादन भी 41 प्रतिशत बढ़कर 826 किलो टन दर्ज किया गया। कंपनी ने कर्ज कम करते हुए अपनी वित्तीय स्थिति में भी सुधार किया है। नेट डेट-टू-एबिटडा अनुपात 1.3 गुना से घटकर 0.9 गुना हो गया। बेहतर प्रदर्शन को देखते हुए क्रिसिल और आईसीआरए ने कंपनी की क्रेडिट रेटिंग बढ़ाकर AA+ (स्टेबल) कर दी है।
सीईओ बोले- मजबूत भविष्य की ओर बढ़ रही कंपनी
वेदांता एल्युमिनियम के पूर्णकालिक निदेशक एवं सीईओ राजेश कुमार ने कहा कि एक स्वतंत्र कंपनी के रूप में यह मजबूत शुरुआत है। कच्चे माल की सुरक्षित उपलब्धता, परिचालन दक्षता और वैल्यू-एडेड उत्पादों पर फोकस के कारण कंपनी लगातार प्रतिस्पर्धी बन रही है और दीर्घकालिक विकास की दिशा में आगे बढ़ रही है। मुख्य वित्त अधिकारी अनुप अग्रवाल ने कहा कि रिकॉर्ड आय, एबिटडा और मुनाफे के साथ कंपनी मजबूत बैलेंस शीट और बेहतर क्रेडिट रेटिंग के साथ नए चरण में प्रवेश कर चुकी है। इससे भविष्य की विकास योजनाओं को गति मिलेगी।
ईएसजी और सामाजिक जिम्मेदारी में भी बेहतर प्रदर्शन
वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में कंपनी ने कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के तहत करीब 4 लाख लोगों तक विभिन्न योजनाओं का लाभ पहुंचाया। कौशल विकास कार्यक्रमों से 72 हजार लोगों को प्रशिक्षित किया गया, जबकि 27 लाख महिलाओं और बच्चों को विभिन्न सामाजिक योजनाओं से सहायता मिली। पर्यावरण संरक्षण के तहत कंपनी ने नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग बढ़ाया, जल संरक्षण को बढ़ावा दिया, फ्लाई ऐश के पुन: उपयोग में 120 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की और अब तक 29 लाख पौधे लगाए। वहीं, कार्यस्थल सुरक्षा और समावेशी कार्य संस्कृति को मजबूत करने की दिशा में भी कंपनी ने उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की।

