कबीरधाम (AkhandBharatHNKP.Com)। जिले के बोड़ला विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत राजाढार के आश्रित ग्राम बेलापानी में पेयजल संकट गंभीर बना हुआ है। गांव के करीब 35 बैगा परिवार बरसात के मौसम में भी नदी का मटमैला और दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायत और मांग करने के बावजूद आज तक सुरक्षित पेयजल की स्थायी व्यवस्था नहीं की गई।
गांव में हैंडपंप या अन्य सुरक्षित पेयजल स्रोत नहीं होने के कारण महिलाएं और बच्चे प्रतिदिन नदी से पानी भरकर घर लाने को विवश हैं। बारिश के दिनों में नदी का पानी और अधिक मटमैला हो जाता है, जिससे जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि दूषित पानी के सेवन से लोगों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि बारिश के दौरान नदी में जलस्तर बढ़ने पर वहां तक पहुंचना भी जोखिम भरा हो जाता है। ऐसे समय में पेयजल संकट और अधिक गंभीर हो जाता है तथा परिवारों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत और संबंधित अधिकारियों से कई बार हैंडपंप लगाने एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की। उनका दावा है कि यह मामला उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के संज्ञान में भी लाया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया। ग्रामीणों का आरोप है कि चुनाव के दौरान किए गए वादे आज भी धरातल पर दिखाई नहीं दे रहे हैं।
स्थायी समाधान की उठी मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से बेलापानी गांव में जल्द से जल्द हैंडपंप स्थापित करने तथा सुरक्षित पेयजल की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। उनका कहना है कि सरकार हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने का दावा करती है, लेकिन उनका गांव आज भी इस बुनियादी सुविधा से वंचित है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो जलजनित बीमारियों का खतरा और बढ़ सकता है।

