कलेक्टर ने समय-सीमा की बैठक में दिए निर्देश, दिव्यांगों के सर्वे से लेकर स्कूलों में शिक्षकों की व्यवस्था तक की समीक्षा
कोरबा (AkhandBharatHNKP.Com)। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा की बैठक में शासन की फ्लैगशिप योजनाओं और विभिन्न विभागों के लंबित प्रकरणों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को जनहित से जुड़े मामलों का समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में स्वास्थ्य, शिक्षा, राजस्व और समाज कल्याण सहित अन्य विभागों के कार्यों की भी समीक्षा की गई।
कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग को विशेष पिछड़ी जनजाति (पीवीटीजी) परिवारों के लिए एक माह का विशेष स्वास्थ्य अभियान चलाने के निर्देश दिए। इसके तहत पीवीटीजी परिवारों वाले ग्राम पंचायतों में सरपंच और सचिव से समन्वय कर स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे। शिविरों में स्वास्थ्य जांच के साथ आवश्यक उपचार और अन्य स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्होंने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को अभियान का विस्तृत कैलेंडर तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही जिले के सभी छात्रावासों, आश्रमों और आवासीय विद्यालयों में रहने वाले विद्यार्थियों की नियमित स्वास्थ्य जांच सुनिश्चित करने को कहा। आरबीएसके कार्यक्रम में अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर सभी विकासखंड चिकित्सा अधिकारियों (बीएमओ) और ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर (बीपीएम) को नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए गए।
1 से 30 सितंबर तक दिव्यांगजनों का सर्वे
कलेक्टर ने दिव्यांगजनों को शासन की योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए 1 से 30 सितंबर तक विशेष सर्वे अभियान चलाने के निर्देश दिए। इस दौरान जिले के सभी ग्रामों में दिव्यांगजनों की जानकारी एकत्र की जाएगी। सर्वे के बाद पात्र दिव्यांगजनों के पहचान पत्र बनाए जाएंगे और पात्रता के अनुसार उन्हें विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जाएगा। कलेक्टर ने पुराने रिकॉर्ड का नए सर्वे से मिलान करने के भी निर्देश दिए, ताकि कोई पात्र दिव्यांगजन छूट न जाए।
शिक्षकों की कमी वाले स्कूलों में मानदेय शिक्षक
कलेक्टर ने जिले के स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया कि जिन विद्यालयों में शिक्षकों की कमी है, वहां जरूरत के अनुसार मानदेय शिक्षकों की व्यवस्था की जाए। उन्होंने विकासखंड शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से इस संबंध में प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करने को कहा। शिक्षा विभाग के एपीसी को विकासखंड आवंटित कर फील्ड में भेजने और स्कूलों की शैक्षणिक व्यवस्था की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश भी दिए।
ई-एचआरएमएस और एग्रीस्टैक में जानकारी अपडेट करने के निर्देश
कलेक्टर ने शिक्षा, स्वास्थ्य और राजस्व विभाग के कर्मचारियों को ई-एचआरएमएस पोर्टल पर एक सप्ताह के भीतर आवश्यक जानकारी दर्ज कर ऑनबोर्ड होने के निर्देश दिए। वहीं एग्रीस्टैक पोर्टल पर जानकारी दर्ज करने की प्रगति की भी समीक्षा की। काम में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित पटवारी और अन्य जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
त्रुटिरहित गिरदावरी पर विशेष जोर
राजस्व विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने नामांतरण, भू-अर्जन, सीमांकन और अन्य लंबित प्रकरणों के समय-सीमा में निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने एसडीएम और तहसीलदारों को सोसायटियों की समीक्षा करने तथा सभी किसानों का पंजीयन सुनिश्चित करने को कहा। कलेक्टर ने सभी तहसीलदारों को त्रुटिरहित गिरदावरी कराने के निर्देश देते हुए कहा कि गिरदावरी धान खरीदी की पूरी प्रक्रिया का महत्वपूर्ण आधार है। इसलिए इसे चरणबद्ध और समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए। गलत प्रविष्टि पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
जर्जर सड़कों की मरम्मत और पीएम सूर्यघर योजना का प्रचार
कलेक्टर ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के कार्यपालन अभियंता को जर्जर सड़कों की आवश्यक मरम्मत कराने के निर्देश दिए। विद्युत विभाग को शहरी क्षेत्रों में शिविर लगाकर पीएम सूर्यघर योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने और अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों को योजना से जोडऩे के निर्देश दिए गए। बैठक में पीएमओ, मुख्यमंत्री जनदर्शन सहित अन्य महत्वपूर्ण लंबित प्रकरणों की भी समीक्षा हुई। कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को जनहित से जुड़े मामलों को प्राथमिकता देते हुए समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
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