
साक्षरता से व्यक्ति सशक्त होता है, योजनाओं का लाभ लेने और साइबर ठगी से बचने में मिलती है मदद
अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस पर कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत हुआ समारोह
27 सितंबर की परीक्षा के बाद कोरबा को पूर्ण साक्षर जिला बनाने की दिशा में आगे बढ़ेंगे : कलेक्टर
कोरबा (AkhandBharatHNKP.Com)। अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर जिला साक्षरता विभाग द्वारा उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला स्तरीय साक्षरता समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम की थीम साक्षर बनें, सशक्त बनें और उल्लास से उज्ज्वल भविष्य की ओर रही। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उद्योग, वाणिज्य एवं श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने कहा कि आज के समय में प्रत्येक व्यक्ति का साक्षर होना जरूरी है। साक्षरता से व्यक्ति अपने अधिकारों और कर्तव्यों को समझने के साथ बैंकिंग लेन-देन, शासकीय योजनाओं और विभिन्न सूचनाओं का सही उपयोग कर सकता है। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में पढऩे-लिखने के साथ डिजिटल साक्षरता भी जरूरी है, जिससे लोग ऑनलाइन ठगी और धोखाधड़ी से बच सकें।

मंत्री लखनलाल देवांगन ने आगे कहा कि कोरबा जिला विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्धियां हासिल कर रहा है और अब साक्षरता के क्षेत्र में भी नई उपलब्धि हासिल करनी है। उन्होंने कहा कि 27 सितंबर को होने वाली परीक्षा के बाद कोरबा को पूर्ण साक्षर जिला बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया जाएगा। उन्होंने युवाओं से अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने और अपने आसपास के निरक्षर लोगों को साक्षर बनाने में सहयोग करने का आह्वान किया। वहीं कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल ने कहा कि साक्षरता से जागरूकता बढ़ती है और रूढि़वादिता दूर होती है। किसान, व्यापारी, पशुपालक सहित समाज के विभिन्न वर्गों के लोग साक्षर होकर सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का बेहतर लाभ उठा सकते हैं। उन्होंने महिलाओं की साक्षरता बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया। साथ ही जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह कंवर ने कहा कि साइबर अपराध और ऑनलाइन धोखाधड़ी बढ़ रही है। ऐसे में डिजिटल माध्यमों के सुरक्षित उपयोग के लिए डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ प्रतीक जैन, जिला शिक्षा अधिकारी तामेश्वर उपाध्याय, डीएमसी वल्लभ वैष्णव सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, जनप्रतिनिधि, युवा और साक्षरता अभियान से जुड़े लोग मौजूद रहे।
साक्षरता के साथ डिजिटल जागरूकता पर जोर
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने कहा कि उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के माध्यम से जिले के निरक्षर वयस्कों को साक्षर बनाने का अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मोबाइल और इंटरनेट ने सुविधाएं बढ़ाई हैं, लेकिन साइबर अपराध का खतरा भी बढ़ा है। इसलिए साक्षरता के साथ लोगों में डिजिटल समझ और जागरूकता विकसित करना जरूरी है। कलेक्टर ने अधिकारियों, कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों, युवाओं और सामाजिक संगठनों से अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील करते हुए कहा कि सभी के सामूहिक प्रयास से कोरबा को पूर्ण साक्षर जिला बनाने का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
उल्लेखनीय कार्य करने वालों का सम्मान
समारोह में मंत्री लखनलाल देवांगन ने साक्षरता अभियान में उल्लेखनीय कार्य करने वाले युवाओं, ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और कर्मचारियों को प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम का संचालन जिला साक्षरता अधिकारी ज्योति शर्मा ने किया।
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