वॉशिंगटन (एजेंसी)। नोबेल शांति पुरस्कार 2026 के विजेता का ऐलान शुक्रवार, 9 अक्टूबर को होने वाला है। घोषणा से एक दिन पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर पुरस्कार के लिए अपनी दावेदारी जताई है। ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने अपने कार्यकाल में आठ युद्धों को सुलझाने में भूमिका निभाई है।
ट्रंप ने अपनी उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि वह अपनी पीठ थपथपाने के लिए यह बात नहीं कह रहे, बल्कि केवल तथ्यों को सामने रख रहे हैं। उन्होंने कहा, “शायद किसी राष्ट्रपति ने कभी कोई युद्ध नहीं सुलझाया। मैंने आठ युद्ध सुलझाए हैं।” ट्रंप इससे पहले भी भारत-पाकिस्तान, इजरायल-ईरान, आर्मेनिया-अजरबैजान और कंबोडिया-थाईलैंड सहित कई संघर्षों को समाप्त कराने में अपनी भूमिका का दावा कर चुके हैं। हालांकि, उनके आठ युद्ध सुलझाने के दावे को लेकर अलग-अलग स्तर पर सवाल भी उठते रहे हैं। कुछ मामलों को औपचारिक युद्ध नहीं माना जाता, जबकि कुछ संघर्षों में अमेरिकी भूमिका को लेकर संबंधित देशों के रुख अलग रहे हैं। ट्रंप अपने दावों में भारत और पाकिस्तान के बीच मई 2025 में हुए सैन्य टकराव का भी उल्लेख करते रहे हैं। हालांकि, भारत ने इस मामले में ट्रंप के मध्यस्थता संबंधी दावे को खारिज किया था। भारत का कहना रहा है कि सैन्य कार्रवाई रोकने को लेकर दोनों देशों के बीच सीधे संपर्क के माध्यम से सहमति बनी थी।
नामांकन और पुरस्कार में अंतर
ट्रंप के नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामांकन को लेकर सोशल मीडिया पर भी दावे किए गए हैं। हालांकि, किसी व्यक्ति के नामांकन की सार्वजनिक चर्चा और नोबेल समिति द्वारा आधिकारिक रूप से नामांकन की पुष्टि अलग-अलग बातें हैं। अब सबकी नजरें 9 अक्टूबर को होने वाली घोषणा पर टिकी हैं। ट्रंप ने खुद भी कहा है कि उन्हें नहीं पता कि नोबेल समिति इस बार क्या फैसला करेगी। नोबेल शांति पुरस्कार आम तौर पर अंतरराष्ट्रीय सहयोग, तनाव कम करने और शांति स्थापना के प्रयासों को ध्यान में रखकर दिया जाता है।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुद के लिए नोबेल पुरस्कार की मांग की

