1 अप्रैल 2026 के बाद मस्टर रोल और कलेक्टर दर पर भर्ती प्रतिबंधित, बिना स्वीकृति नियुक्ति करने वालों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश
रायपुर (AkhandBharatHNKP.Com)। छत्तीसगढ़ शासन ने लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) में दैनिक वेतनभोगी, मस्टर रोल और कलेक्टर दर पर कर्मचारियों की नई नियुक्तियों को लेकर सख्त रुख अपनाया है। शासन ने स्पष्ट कर दिया है कि विभाग के मुख्यालय से लेकर अधीनस्थ कार्यालयों तक इन श्रेणियों में नई नियुक्तियां नहीं की जा सकेंगी। नियमों की अनदेखी कर कर्मचारियों को काम पर रखने वाले अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इतना ही नहीं, ऐसी नियुक्तियों से शासन को होने वाली वित्तीय क्षति की वसूली भी संबंधित अधिकारियों से की जाएगी।
शासन की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि 1 अप्रैल 2026 के बाद विभाग में किसी भी नए श्रमिक अथवा कर्मचारी को मस्टर रोल, दैनिक वेतनभोगी या कलेक्टर दर पर नियोजित नहीं किया जाना है। बिना स्वीकृत पद व्यवस्था और बजट आवंटन के इस तरह की नियुक्तियां पूरी तरह प्रतिबंधित हैं। इसके बावजूद यदि कोई अधिकारी अपने स्तर पर नई नियुक्ति करता है तो इसे नियमों का गंभीर उल्लंघन माना जाएगा। संबंधित अधिकारी के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई के साथ शासन को हुए आर्थिक नुकसान की भरपाई भी कराई जाएगी।
शासन पर अनावश्यक वित्तीय बोझ डालने पर सख्ती
आदेश में छत्तीसगढ़ वित्तीय संहिता के प्रावधानों का हवाला देते हुए कहा गया है कि सक्षम अधिकारी की पूर्व प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति के बिना किसी श्रमिक को काम पर रखना अनधिकृत वित्तीय दायित्व पैदा करने के समान है। ऐसी नियुक्तियों से शासन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है, जबकि इसके लिए बजट में कोई प्रावधान नहीं होता। शासन ने इसे गंभीर वित्तीय अनियमितता मानते हुए अधिकारियों को नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। सरकार ने सामान्य प्रशासन विभाग के 5 मार्च 2008 को जारी परिपत्र का भी उल्लेख किया है। इसमें भविष्य में दैनिक वेतनभोगी, तदर्थ और कलेक्टर दर पर अनियमित नियुक्तियां नहीं करने के निर्देश दिए गए थे। अब लोक निर्माण विभाग ने इन प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को फिर से स्पष्ट चेतावनी दी है।
सिविल सेवा आचरण नियमों के उल्लंघन पर भी कार्रवाई
शासन के अनुसार, 1 अप्रैल 2026 के बाद नियमों के विपरीत किसी कर्मचारी को नियोजित करना छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम-3 का उल्लंघन माना जाएगा। इसे गंभीर वित्तीय कदाचार की श्रेणी में रखा जाएगा। ऐसे मामलों में संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय कर कार्रवाई की जाएगी। इस आदेश के बाद लोक निर्माण विभाग के कार्यालयों में दैनिक वेतनभोगी, मस्टर रोल और कलेक्टर दर पर नई नियुक्तियों को लेकर सख्ती बढ़ने की संभावना है।

