महादेव सट्टा ऐप पर जांच एजेंसियों का शिकंजा तेज, को-प्रमोटर रवि उप्पल UAE में गिरफ्तार

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      • सौरभ चंद्राकर के भारत पहुंचने के तीन दिन बाद दूसरी बड़ी कार्रवाई, वानुअतु की नागरिकता लेने का भी खुलासा; प्रत्यर्पण की तैयारी

      रायपुर (AkhandBharatHNKP.Com)। महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले में जांच एजेंसियों को एक और बड़ी सफलता मिलने की खबर है। ऐप के सह-प्रमोटर रवि उप्पल को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई है। भारतीय जांच एजेंसियों के अनुरोध पर इंटरपोल द्वारा जारी रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर वहां के अधिकारियों ने यह कार्रवाई की है। हालांकि, भारतीय एजेंसियों को गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं मिली है। अब रवि उप्पल को भारत लाने के लिए प्रत्यर्पण की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी की जा रही है।

          यह घटनाक्रम महादेव सट्टा ऐप के मुख्य प्रमोटर सौरभ चंद्राकर को ओमान से भारत लाए जाने के महज तीन दिन बाद सामने आया है। एक नवंबर को सीबीआई की विशेष टीम ओमान की अदालत के आदेश के बाद सौरभ चंद्राकर को भारत लेकर पहुंची थी। वहीं, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) उसके खिलाफ कथित धनशोधन के मामले की जांच कर रहा है।

          हवाला नेटवर्क और प्रभावशाली लोगों से संपर्क की जिम्मेदारी

          जांच एजेंसियों के अनुसार, रवि उप्पल महादेव सट्टा ऐप के पूरे नेटवर्क में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता था। उस पर करोड़ों रुपये के हवाला लेनदेन का प्रबंधन करने और छत्तीसगढ़ में नेताओं तथा अधिकारियों के साथ संपर्क बनाए रखने की जिम्मेदारी संभालने का आरोप है। अधिकारियों के मुताबिक, रवि उप्पल की उम्र करीब 46 वर्ष है। इससे पहले वर्ष 2023 में भी यूएई के अधिकारियों ने उसे हिरासत में लिया था, लेकिन बाद में उसे जमानत पर रिहा कर दिया गया। इसके बाद उसके प्रशांत महासागर में स्थित द्वीपीय देश वानुअतु पहुंचने और वहां की नागरिकता हासिल करने की जानकारी सामने आई थी। ईडी के अनुसार, सौरभ चंद्राकर ने भी वानुअतु की नागरिकता ली थी।

          रेड कॉर्नर नोटिस हटवाने की भी की थी कोशिश

          रवि उप्पल की मुश्किलें लगातार बढ़ती रही हैं। नवंबर 2025 में ईडी को जानकारी मिली थी कि वह यूएई में उपलब्ध नहीं है और उसका ठिकाना पता नहीं चल पा रहा है। इसके बाद जनवरी 2026 में उसने इंटरपोल के कमीशन फॉर द कंट्रोल ऑफ फाइल्स (सीसीएफ) में अपील कर अपने खिलाफ जारी रेड कॉर्नर नोटिस हटाने की मांग की थी। हालांकि, ईडी ने उसकी इस मांग का विरोध करते हुए उसे धनशोधन मामले में वांछित और फरार आरोपी बताया था। एजेंसी के अनुसार, इस मामले में करीब 80 हजार करोड़ रुपये की कथित अपराध से अर्जित संपत्ति से जुड़े पहलुओं की जांच की जा रही है। रवि उप्पल की रेड कॉर्नर नोटिस हटवाने की कोशिश सफल नहीं हुई और बाद में उसके फिर यूएई लौटने की जानकारी सामने आई।

          सौरभ से पूछताछ में खुल सकते हैं कई अहम राज

          सौरभ चंद्राकर के भारत आने के बाद अब जांच एजेंसियों की पूछताछ में महादेव ऐप के आर्थिक नेटवर्क से जुड़े कई महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना है। एजेंसियां कथित रिश्वतखोरी, हवाला के जरिए धन के लेनदेन और संरक्षण राशि के आरोपों की पड़ताल करेंगी। साथ ही यह भी पता लगाने का प्रयास होगा कि इतने बड़े स्तर पर सट्टे का कारोबार किन लोगों के संरक्षण में संचालित होता रहा। रवि उप्पल की गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि और प्रत्यर्पण की प्रक्रिया आगे बढ़ने के बाद जांच को नई दिशा मिल सकती है। दोनों प्रमुख आरोपियों से पूछताछ के जरिए महादेव ऐप से जुड़े आर्थिक लेनदेन और कथित नेटवर्क की परतें खुलने की उम्मीद है।

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