सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में एंटी रेबीज व एंटी-स्नेक वेनम की उपलब्धता करें सुनिश्चित : कलेक्टर दुदावत

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      • बरसात में डेंगू-मलेरिया नियंत्रण, मातृ-शिशु स्वास्थ्य और राष्ट्रीय योजनाओं की प्रगति की हुई समीक्षा

      कोरबा (AkhandBharatHNKP.Com)। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने तथा बरसात के मौसम में संभावित बीमारियों की रोकथाम को लेकर कलेक्टर कुणाल दुदावत ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में डॉग बाइट के उपचार के लिए एंटी रेबीज वैक्सीन और सर्पदंश की स्थिति में एंटी-स्नेक वेनम पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराया जाए, ताकि आपातकालीन स्थिति में मरीजों को तत्काल उपचार मिल सके।

          कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित स्वास्थ्य विभाग की मासिक समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने जिले में संचालित विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों, मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं, मौसमी बीमारियों की रोकथाम तथा लंबित शिकायतों की विस्तार से समीक्षा की। बैठक में स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों सहित विभिन्न राष्ट्रीय कार्यक्रमों के प्रभारी अधिकारी उपस्थित रहे। मानसून को देखते हुए कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि डेंगू, मलेरिया एवं अन्य मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों तथा मितानिन दवा पेटियों में आवश्यक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बीमारी नियंत्रण को लेकर सतत निगरानी रखी जाए।

          आयुष्मान कार्ड और स्वास्थ्य योजनाओं में शत-प्रतिशत लक्ष्य का निर्देश

          समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने “सुघ्घर छत्तीसगढ़ अभियान” के तहत शेष पात्र हितग्राहियों के आयुष्मान कार्ड, वय वंदन कार्ड और आभा आईडी शत-प्रतिशत बनाने के निर्देश दिए। साथ ही सभी पात्र लोगों को केंद्र एवं राज्य सरकार की स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराने पर जोर दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत विशेष रूप से पीवीटीजी ग्रामों में आयुष्मान भारत कार्ड निर्माण और जननी सुरक्षा योजना की प्रगति तेज करने को कहा।

          बेहतर काम करने वाले स्वास्थ्य अधिकारियों को मिलेगा सम्मान

          कलेक्टर ने सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों की नियमित समीक्षा बैठक आयोजित करने के निर्देश देते हुए कहा कि उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाए, जबकि अपेक्षा के अनुरूप कार्य नहीं करने वाले अधिकारियों की अलग से समीक्षा की जाए। बैठक में टीबी नियंत्रण कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए सभी संभावित मरीजों की जांच और समय पर उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। कुष्ठ उन्मूलन अभियान के तहत चिन्हित मरीजों की स्क्रीनिंग कर उपचार उपलब्ध कराने तथा सिकल सेल कार्यक्रम के अंतर्गत मरीजों की जांच, उपचार और नियमित फॉलोअप सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।

          गर्भवती महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता

          कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सभी गर्भवती महिलाओं का प्रथम तिमाही में शत-प्रतिशत पंजीयन किया जाए तथा विशेषज्ञ जांच के लिए निर्धारित तिथियों पर अनिवार्य रूप से भेजा जाए। उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की पहचान कर उनकी नियमित निगरानी और उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। साथ ही बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण, नियमित टीकाकरण, पोषण सुधार, स्कूलों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में स्वास्थ्य जांच तथा कुपोषित बच्चों के समयबद्ध उपचार पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।

          शिकायतों का सात दिन में करें निराकरण

          कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों का सात दिनों के भीतर गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ निराकरण किया जाए। अस्पतालों में डॉक्टरों और कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति, दवाओं की उपलब्धता तथा सभी राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों में शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करना प्राथमिकता में रखा जाए। बैठक के अंत में कलेक्टर ने कहा कि जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में लगातार सुधार और आम नागरिकों को समय पर बेहतर उपचार उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसलिए सभी अधिकारी समन्वय के साथ निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति सुनिश्चित करें।

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