पहला गेम हारने के बाद शानदार वापसी, 2011 के बाद महिला युगल में भारत का पहला पदक
नई दिल्ली (एजेंसी)। भारतीय बैडमिंटन की जोड़ी त्रिसा जॉली और गायत्री गोपीचंद ने विश्व चैंपियनशिप 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए देश के लिए पदक पक्का कर दिया है। नई दिल्ली के इंदिरा गांधी एरिना में खेले गए महिला युगल के क्वार्टर फाइनल मुकाबले में भारतीय जोड़ी ने चीन की चौथी वरीयता प्राप्त जोड़ी जिया यिफान और झांग शू जियान को 2-1 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बना ली।

इस जीत के साथ त्रिसा और गायत्री ने कम से कम कांस्य पदक सुनिश्चित कर लिया है। विश्व चैंपियनशिप के महिला युगल वर्ग में यह भारत का लंबे समय बाद पहला पदक है। इससे पहले 2011 में ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा ने कांस्य पदक जीता था। मुकाबले की शुरुआत भारतीय जोड़ी के लिए अच्छी नहीं रही। त्रिसा और गायत्री को पहले गेम में चीन की जोड़ी ने 21-16 से मात दी। हालांकि भारतीय खिलाड़ियों ने दबाव में आने के बजाय दूसरे गेम में शानदार वापसी की और 21-15 से गेम अपने नाम कर मुकाबले को बराबरी पर ला दिया। निर्णायक तीसरे गेम में भारतीय जोड़ी ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया। त्रिसा और गायत्री ने बेहतरीन तालमेल के साथ चीन की जोड़ी पर दबाव बनाए रखा और 21-13 से तीसरा गेम जीतकर मुकाबला अपने नाम कर लिया।
महिला युगल में भारत को बड़ी उपलब्धि
त्रिसा और गायत्री की इस जीत को भारतीय बैडमिंटन के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। विश्व चैंपियनशिप में भारत की कई पदक दावेदार खिलाड़ी पहले ही बाहर हो चुकी हैं। इनमें पीवी सिंधु, लक्ष्य सेन, उन्नति हुड्डा और आयुष शेट्टी शामिल हैं। पीवी सिंधु को राउंड ऑफ 16 में चीन की तीसरी वरीयता प्राप्त वांग झी ई के हाथों हार का सामना करना पड़ा था।
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