बांकीमोंगरा नगर पालिका उपाध्यक्ष समेत कई लोगों पर एफआईआर दर्ज, खदान कार्य बाधित करने और 50 लाख नुकसान पहुंचाने का आरोप

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      कोरबा (AkhandBharatHNKP.Com)। बांकीमोंगरा नगर पालिका उपाध्यक्ष गायत्री कंवर, उनके पति एवं श्रमिक नेता गोवर्धन कंवर सहित करीब 20 से 25 अन्य ग्रामीणों के खिलाफ पुलिस ने गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। आरोप है कि सभी ने मिलकर बिना अनुमति प्रतिबंधित खदान क्षेत्र में प्रवेश कर सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न की, कर्मचारियों को धमकाया और खनन कार्य रुकवाकर सार्वजनिक उपक्रम को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचाया।

          जानकारी के अनुसार घटना 22 जून 2026 की सुबह लगभग 10:30 बजे की है। बताया जा रहा है कि गोवर्धन कंवर, उनकी पत्नी गायत्री कंवर तथा अन्य ग्रामीण विभिन्न मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन कर रहे थे। आंदोलन का नेतृत्व गायत्री कंवर कर रही थीं, जो बांकीमोंगरा नगर पालिका की उपाध्यक्ष भी हैं। आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान सभी लोग बिना किसी वैधानिक अनुमति के जबरन SECL की गेवरा परियोजना के खनन क्षेत्र में प्रवेश कर गए। इसके बाद वहां चल रहे खनन कार्य में हस्तक्षेप करते हुए मशीनों को रुकवा दिया गया, जिससे पूरे खदान क्षेत्र का कार्य प्रभावित हो गया।

          कर्मचारियों को धमकी, संपत्ति नुकसान पहुंचाने की चेतावनी

          प्रबंधन का आरोप है कि जब अधिकारियों और कर्मचारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की तो उन्हें धमकाया गया और शासकीय व सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की चेतावनी दी गई। इस घटना से खदान का कार्य पूरी तरह बाधित हो गया, जिससे कंपनी को करीब 50 लाख रुपए का आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। एफआईआर में उल्लेख किया गया है कि खनन क्षेत्र अत्यंत संवेदनशील और प्रतिबंधित कार्यस्थल है, जहां बिना अनुमति प्रवेश पूरी तरह निषिद्ध है। ऐसे स्थान पर जबरन प्रवेश कर कार्य बाधित करना न केवल सुरक्षा नियमों का गंभीर उल्लंघन है, बल्कि इससे कभी भी दुर्घटना या जनहानि जैसी स्थिति पैदा हो सकती थी।

          देश की ऊर्जा व्यवस्था से जुड़ा है मामला

          प्रबंधन ने शिकायत में कहा है कि एसईसीएल भारत सरकार का सार्वजनिक उपक्रम है और गेवरा परियोजना देश की महत्वपूर्ण कोयला खदानों में शामिल है। यहां से होने वाला कोयला उत्पादन देश में बिजली उत्पादन और ऊर्जा सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे समय में जानबूझकर उत्पादन बाधित करना केवल कंपनी के आर्थिक हितों के खिलाफ नहीं बल्कि व्यापक जनहित को प्रभावित करने वाला गंभीर मामला है। सुरक्षा निरीक्षक धनाराम सूर्यवंशी की शिकायत पर पुलिस ने गोवर्धन कंवर, गायत्री कंवर और अन्य आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 126(2), 127(2) और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह प्रकरण दीपका थाना क्षेत्र में दर्ज किया गया है।

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