नई दिल्ली (एजेंसी)। देश के प्रमुख औद्योगिक समूह वेदांता ग्रुप से जुड़े कई ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कार्रवाई की। एजेंसी ने विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) से जुड़े एक मामले की जांच के तहत समूह के संस्थापक एवं चेयरमैन अनिल अग्रवाल से संबंधित परिसरों में तलाशी अभियान शुरू किया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, ईडी द्वारा की जा रही यह कार्रवाई फेमा अधिनियम के तहत संभावित अनियमितताओं की जांच के सिलसिले में की जा रही है। हालांकि, मामले की प्रकृति और तलाशी से संबंधित विस्तृत जानकारी अब तक सार्वजनिक नहीं की गई है। कंपनी और ईडी की ओर से भी इस संबंध में आधिकारिक बयान का इंतजार है। सूत्रों के अनुसार, वेदांता समूह के खिलाफ जांच ऐसे समय में शुरू हुई है, जब हाल ही में कंपनी को अपने बड़े डीमर्जर (विभाजन) प्रस्ताव के लिए सुरक्षित ऋणदाताओं से मंजूरी मिली है। प्रस्तावित योजना के तहत समूह को पांच स्वतंत्र कंपनियों में विभाजित किया जाना है।
क्या है फेमा अधिनियम
विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) का उद्देश्य देश में विदेशी मुद्रा लेन-देन की निगरानी और नियमन करना है। इस कानून के तहत ईडी उन मामलों की जांच करती है, जिनमें विदेशी मुद्रा लेन-देन, विदेश में संपत्ति अर्जन, हवाला कारोबार, अवैध धन हस्तांतरण या निवेश संबंधी नियमों के उल्लंघन की आशंका होती है।
कई क्षेत्रों में कारोबार करता है वेदांता समूह
वेदांता ग्रुप देश की प्रमुख खनन एवं धातु कंपनियों में शामिल है। कंपनी एल्युमिनियम, जिंक, तेल एवं गैस समेत विभिन्न क्षेत्रों में कारोबार करती है। समूह भारत की जिंक जरूरत का बड़ा हिस्सा पूरा करता है तथा कच्चे तेल उत्पादन क्षेत्र में भी सक्रिय है। कंपनी ने आगामी वर्षों में देश में बड़े निवेश की योजना की घोषणा की है।

