कोलकाता (एजेंसी)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर देशवासियों और विश्व समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि योग आज पूरे विश्व का सबसे बड़ा जन उत्सव बन चुका है। उन्होंने कहा कि योग को केवल एक दिन के आयोजन तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि इसे प्रत्येक व्यक्ति के दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना आवश्यक है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कोलकाता के रेड रोड मैदान में आयोजित कार्यक्रम में हजारों लोगों के साथ सामूहिक योगाभ्यास किया और पूरे देश में मनाए जा रहे योग दिवस कार्यक्रमों की अगुवाई की। इस अवसर पर बड़ी संख्या में लोगों ने एक साथ योग कर स्वास्थ्य और जागरूकता का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का विषय स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग रखा गया है। इसका उद्देश्य लोगों को यह बताना है कि योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने का साधन नहीं, बल्कि मन को शांत रखने, भावनाओं को संतुलित करने और जीवन को बेहतर बनाने का माध्यम भी है। योग हर आयु के लोगों के लिए उपयोगी और लाभकारी है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2015 में भारत के प्रस्ताव पर संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मान्यता प्रदान की थी। इसके बाद से योग पूरी दुनिया में स्वास्थ्य और शांति का संदेश देने वाला एक वैश्विक अभियान बन गया। इस वर्ष दुनिया के लगभग 2500 स्थानों पर योग दिवस कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें 210 से अधिक भारतीय दूतावास और प्रतिनिधि केंद्र भाग ले रहे हैं।
स्वास्थ्य व शांति का संदेश देता है योग
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 21 जून वर्ष का सबसे लंबा दिन होता है और अब यह दिन योग के कारण पूरे विश्व में सबसे बड़े सामूहिक उत्सव के रूप में पहचाना जाने लगा है। योग ने अलग-अलग देशों, संस्कृतियों और समाजों के लोगों को एक साथ जोडऩे का कार्य किया है। यह मानवता को एकता, स्वास्थ्य और शांति का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने वाला अभ्यास नहीं है, बल्कि यह मनुष्य की आंतरिक शक्ति, आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाने का माध्यम है। योग किसी एक आयु वर्ग के लिए नहीं, बल्कि बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों सहित सभी के लिए समान रूप से लाभदायक है।
50 वर्ष की आयु में 30 वर्ष जैसी ऊर्जा
प्रधानमंत्री ने कहा कि बढ़ती उम्र के साथ भी व्यक्ति स्वस्थ, सक्रिय और ऊर्जावान बना रहे, इसके लिए योग सबसे प्रभावी उपाय है। हमारा प्रयास होना चाहिए कि उम्र बढऩे के साथ मनुष्य की क्षमता कम न हो। उन्होंने कहा कि ऐसा लक्ष्य होना चाहिए कि 40 वर्ष की आयु में व्यक्ति 20 वर्ष जैसी लचक बनाए रखे और 50 वर्ष की आयु में भी 30 वर्ष जैसी ऊर्जा महसूस करे। अपने संदेश के अंत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि योग जीवन को बेहतर, स्वस्थ और संतुलित बनाता है। प्रत्येक व्यक्ति को चाहिए कि वह योग को केवल विशेष अवसरों तक सीमित न रखे, बल्कि इसे अपनी दिनचर्या में शामिल कर स्वस्थ और सुखी जीवन की ओर आगे बढ़े।

