कोरबा (AkhandBharatHNKP.Com)। सांसद ज्योत्सना चरणदास महंत ने सक्ती जिले स्थित वेदांता प्लांट में हुए भीषण हादसे पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे सुरक्षा नियमों की लगातार अनदेखी का नतीजा बताया है। उन्होंने कहा कि यह कोई पहली दुर्घटना नहीं है, बल्कि कंपनी प्रबंधन की लापरवाही का परिणाम है।
सांसद महंत ने कहा कि इससे पहले भी वेदांता के कोरबा प्लांट में चिमनी निर्माण के दौरान बड़ा हादसा हुआ था, जिसमें करीब 40 श्रमिकों की दर्दनाक मौत हुई थी। इसके अलावा भी कंपनी के विभिन्न प्रोजेक्टों में हादसों और श्रमिकों की जान से खिलवाड़ की लंबी सूची रही है, लेकिन इसके बावजूद सुरक्षा व्यवस्था में कोई ठोस सुधार नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि शक्ति जिले के वेदांता प्लांट में बॉयलर फटने की घटना बेहद गंभीर और दुखद है। अभी तक मृतकों की वास्तविक संख्या स्पष्ट नहीं हो सकी है, लेकिन प्राप्त जानकारी के अनुसार एक दर्जन से अधिक श्रमिकों की मौत और 40 से अधिक लोगों के घायल होने की खबर है, जो बेहद चिंताजनक है। सांसद ने राज्य सरकार और प्रशासन से सवाल करते हुए कहा कि स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग आखिर क्या कर रहा है। बार-बार हादसे होने के बावजूद जिम्मेदार एजेंसियों की चुप्पी समझ से परे है।
सख्त कार्रवाई की मांग
सांसद महंत ने मांग की कि मामले की उच्च स्तरीय जांच समिति तत्काल गठित की जाए तथा हादसे के जिम्मेदार अधिकारियों और प्रबंधन पर एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि मृतक श्रमिकों के परिजनों को उचित मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को रोजगार तथा घायलों के समुचित एवं उच्च स्तरीय इलाज की पूरी जिम्मेदारी वेदांता प्रबंधन को उठानी चाहिए। सांसद ज्योत्सना चरणदास महंत ने कहा कि श्रमिकों की जान से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित होनी चाहिए।

