भाजपा में शामिल होने का दबाव, इनकार के बाद पड़े छापे : भूपेश बघेल

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          रायपुर (AkhandBharatHNKP.Com)। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गंभीर राजनीतिक आरोप लगाए हैं। राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल के पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान बघेल ने दावा किया कि उन्हें भाजपा में शामिल होने का प्रस्ताव दिया गया था। जब उन्होंने इस पर कोई सहमति नहीं दी, तो उनके यहां जांच एजेंसियों की कार्रवाई तेज हो गई।

          पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेलपूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के मुताबिक, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अलग-अलग मौकों पर उन्हें मिलने के लिए बुलाया था। शुरुआती दौर में उन्हें इन मुलाकातों का उद्देश्य स्पष्ट नहीं था, लेकिन बाद में उन्हें लगा कि इन बैठकों का संबंध राजनीतिक रुख बदलने से जुड़ा था। उनका कहना है कि हर मुलाकात के कुछ दिनों बाद उनके यहां छापेमारी होती थी।

          मदद का मिला था भरोसा

          पूर्व मुख्यमंत्री बघेल ने बताया कि बातचीत के दौरान उनसे उनके खिलाफ चल रहे मामलों और भरोसेमंद अधिकारियों के बारे में पूछा जाता था, साथ ही मदद की पेशकश भी की जाती थी। श्री बघेल ने कहा कि उन्होंने साफ कर दिया था कि वे विपक्ष की भूमिका निभाते रहेंगे और सरकार की नीतियों की आलोचना करना उनका दायित्व है।

          अधिकारियों से बात करने का मिला था आश्वासन

          पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने यह भी कहा कि एक बार उन्होंने प्रधानमंत्री से फोन पर छापों का जिक्र किया, जिस पर अधिकारियों से बात करने का आश्वासन मिला। बघेल का आरोप है कि भाजपा में शामिल होने का संकेत भले ही सीधे तौर पर न दिया गया हो, लेकिन इशारों में बात साफ थी। कमिटमेंट न देने की वजह से उनके खिलाफ कार्रवाई होती रही। बघेल के इन आरोपों के बाद प्रदेश की राजनीति में नई बहस छिड़ गई है। फिलहाल भाजपा की ओर से इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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