बिलासपुर (AkhandBharatHNKP.Com)। प्रदेश के छात्रवृत्ति पोर्टल में बड़ी अनियमितता सामने आई है। तकनीकी खामियों, गलत डेटा एंट्री तथा अपात्र एवं फर्जी दस्तावेजों के कारण 10,737 विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति रोक दी गई है। डीबीटी भुगतान से पहले हुए परीक्षण में गड़बडिय़ां उजागर होने के बाद संबंधित आवेदनों को पोर्टल पर लॉक कर दिया गया है।
शिक्षा विभाग ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को तत्काल डेटा सुधारने तथा पात्र विद्यार्थियों का सही पंजीयन एवं सत्यापन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही चेतावनी दी गई है कि लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। जांच के बाद सभी 10,737 आवेदनों को स्कूल लॉगिन पर वापस भेज दिया गया है, ताकि त्रुटियों में सुधार किया जा सके। विभाग यह भी जांच कर रहा है कि इतनी बड़ी संख्या में अपात्र विद्यार्थियों का पंजीयन कैसे हुआ।
15,144 आवेदन अब भी लंबित
राज्य छात्रवृत्ति योजना 2025-26 के तहत बिलासपुर जिले में अब भी 15,144 आवेदन लंबित हैं। कक्षा तीसरी से 12वीं तक विद्यार्थियों के पंजीयन एवं सत्यापन का कार्य 25 अप्रैल तक पूरा होना था, लेकिन समय पर नहीं हो सका। सबसे अधिक लंबित आवेदन मस्तूरी विकासखंड में 5,015 तथा तखतपुर में 2,324 बताए गए हैं।
दो दिन में मांगी रिपोर्ट
जिला शिक्षा अधिकारी विजय कुमार टांडे ने सभी लंबित आवेदनों की कारण सहित जानकारी 29 अप्रैल तक सॉफ्टकॉपी और हार्डकॉपी में अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। समय सीमा में जानकारी नहीं देने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। लोक शिक्षण संचालनालय के संचालक अशोक नारायण बंजारा ने कहा है कि केवल पात्र विद्यार्थियों का ही सही कक्षा और योजना में पंजीयन-सत्यापन किया जाए, अन्यथा जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी।
जांच में सामने आई प्रमुख गड़बडिय़ां
पूर्व कक्षा में छात्रवृत्ति मिलने के बावजूद उसी कक्षा में दोबारा पंजीयन। कक्षा 9वीं-10वीं में एक ही कक्षा में दो बार उत्तीर्ण दर्शाकर पंजीयन। एक ही विद्यार्थी का दो अलग-अलग योजनाओं में पंजीयन। सीएसएस योजना में 2.50 लाख रुपए से अधिक आय वाले विद्यार्थियों का आवेदन। कई मामलों में सीएसएस और डीबीटी दोनों योजनाओं का लाभ दर्ज।

