केंद्र सरकार की नई गाइडलाइन लागू, कोरबा समेत हाथी प्रभावित जिलों के किसानों को होगा फायदा
कोरबा (AkhandBharatHNKP.Com)। कोरबा जिले सहित प्रदेश के हाथी प्रभावित क्षेत्रों के किसानों के लिए राहत भरी खबर है। केंद्र सरकार ने नई गाइडलाइन जारी कर जंगली हाथियों द्वारा नष्ट की गई फसलों को भी प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के दायरे में शामिल कर दिया है। इससे अब हाथियों के उत्पात से फसल चौपट होने पर भी किसानों को बीमा योजना का लाभ मिल सकेगा।
कोरबा जिले के कटघोरा, पाली, पोड़ी-उपरोड़ा, करतला तथा वनांचल से लगे कई गांवों में हर वर्ष हाथियों का दल खेतों में पहुंचकर धान समेत खरीफ की अन्य फसलों को भारी नुकसान पहुंचाता है। अब तक किसानों को केवल वन विभाग से सीमित राहत राशि मिलती थी, जो वास्तविक नुकसान की तुलना में काफी कम होती थी। किसान संगठनों और जनप्रतिनिधियों की ओर से लंबे समय से हाथियों से होने वाले फसल नुकसान को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में शामिल करने की मांग की जा रही थी। नई गाइडलाइन लागू होने के बाद अब बीमा कंपनियां नुकसान का आकलन कर पात्र किसानों को बीमा राशि उपलब्ध कराएंगी।
72 घंटे के भीतर देनी होगी सूचना
कृषि विभाग के अनुसार, हाथियों से फसल को नुकसान होने पर किसान को 72 घंटे के भीतर कृषि विभाग, संबंधित बीमा कंपनी, टोल-फ्री नंबर या मोबाइल एप के माध्यम से सूचना देनी होगी। इसके बाद विभाग और बीमा कंपनी की संयुक्त टीम मौके पर पहुंचकर नुकसान का सर्वे करेगी। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर स्वीकृत बीमा राशि सीधे किसान के बैंक खाते में जमा की जाएगी।
खरीफ सीजन में मिलेगी बड़ी राहत
वर्तमान में जिले में खरीफ फसलों की रोपाई का कार्य तेज़ी से चल रहा है। बारिश के साथ जंगलों से हाथियों की आवाजाही भी बढ़ने लगी है। ऐसे में केंद्र सरकार की यह नई व्यवस्था कोरबा समेत हाथी प्रभावित क्षेत्रों के हजारों किसानों के लिए बड़ी राहत साबित होगी।
कोरबा वनमंडल में हाथियों का उत्पात जारी, फसलें रौंदी

