रायपुर (AkhandBharatHNKP.Com)। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित सीजीपीएससी भर्ती घोटाले में अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की भी एंट्री हो गई है। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की जांच के बाद अब ईडी मामले में कथित मनी लॉन्ड्रिंग और अवैध वित्तीय लेन-देन की जांच करेगी। इसी सिलसिले में एजेंसी ने जेल में बंद सीजीपीएससी के पूर्व अध्यक्ष एवं सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी टामन सिंह सोनवानी की गिरफ्तारी की अनुमति के लिए रायपुर की विशेष अदालत में आवेदन प्रस्तुत किया है।
कोर्ट की अनुमति के बाद होगी पूछताछ
ईडी के आवेदन पर शनिवार को सुनवाई होनी है। यदि अदालत अनुमति देती है तो एजेंसी टामन सिंह सोनवानी को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी। जांच के दौरान भर्ती प्रक्रिया में कथित पैसों के लेन-देन, अवैध कमाई और उससे जुड़े वित्तीय नेटवर्क की पड़ताल की जाएगी। इस मामले में सीबीआई दो वर्ष पहले टामन सिंह सोनवानी को गिरफ्तार कर चुकी है। उनके साथ बजरंग पावर एंड इस्पात लिमिटेड के निदेशक श्रवण कुमार गोयल को भी गिरफ्तार किया गया था। सीबीआई का आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताएं कर प्रभावशाली लोगों के रिश्तेदारों को डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी समेत अन्य पदों पर चयनित कराने के लिए अवैध लेन-देन किया गया।
रिश्तेदारों को नौकरी दिलाने के आरोप
सीबीआई के अनुसार, टामन सिंह सोनवानी के कार्यकाल में हुई भर्तियों में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुईं। जांच में आरोप है कि उनके रिश्तेदारों के अलावा कई नेताओं और वरिष्ठ अधिकारियों के परिजनों को नियमों की अनदेखी कर सरकारी नौकरियां दिलाई गईं। एजेंसी का दावा है कि जांच में वित्तीय लेन-देन से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य भी मिले हैं।
2019 से 2022 की भर्तियां जांच के दायरे में
सीजीपीएससी की वर्ष 2019 से 2022 के बीच हुई भर्तियां विवादों में हैं। आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (ईओडब्ल्यू) और अर्जुंदा पुलिस पहले से इस मामले की जांच कर रही है। विशेष रूप से वर्ष 2020 की 175 और 2021 की 171 पदों पर हुई भर्ती प्रक्रिया को लेकर सबसे अधिक सवाल उठे हैं। अब ईडी की एंट्री के बाद मामले की जांच का दायरा और बढ़ने की संभावना है।

