रायपुर (AkhandBharatHNKP.Com)। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय गुरुवार को दिल्ली के लिए रवाना हुए। अपने दिल्ली प्रवास के दौरान वे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में होने वाली ओडिशा-छत्तीसगढ़ जल विवाद की महत्वपूर्ण बैठक में शामिल होंगे। दिल्ली रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री ने जल विवाद के साथ प्रदेश में बाढ़ की स्थिति, आगामी सिंगापुर दौरे और बस्तर के विकास को लेकर जानकारी दी।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ओडिशा और छत्तीसगढ़ के हित में जो भी निर्णय होगा, दोनों सरकारें उसे स्वीकार करेंगी। दोनों राज्यों के बीच जल विवाद को लेकर छत्तीसगढ़ और ओडिशा के मुख्यमंत्रियों की ओर से केंद्रीय जल आयोग को पत्र भी भेजा गया है। दिल्ली में होने वाली बैठक में इस विषय पर आगे की चर्चा होगी। मुख्यमंत्री ने आगामी सिंगापुर दौरे को लेकर बताया कि वहां निवेशकों और व्यापारियों से मुलाकात की जाएगी। इस दौरान छत्तीसगढ़ में निवेश की संभावनाओं के साथ कौशल विकास, तकनीक और अंतरराष्ट्रीय साझेदारी के विषयों पर चर्चा होगी। सरकार प्रदेश में निवेश के नए अवसर तलाशने के साथ रोजगार और विकास की संभावनाओं को बढ़ाने पर भी जोर दे रही है।
17 जिले और 550 से अधिक गांव बाढ़ से प्रभावित
प्रदेश में बाढ़ की स्थिति को लेकर मुख्यमंत्री ने बताया कि 17 जिले और 550 से अधिक गांव प्रभावित हुए हैं। बाढ़ से 22 हजार से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं, जबकि आठ लोगों की जनहानि की जानकारी सामने आई है। प्रभावित क्षेत्रों में मकानों और अन्य नुकसान का जल्द सर्वे कराया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों को आवश्यक निर्देश दिए हैं। प्रभावित परिवारों को राजस्व पुस्तक परिपत्र के प्रावधानों के तहत मुआवजा दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि संकट की इस घड़ी में सरकार प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है। वे स्वयं सुकमा और बस्तर का दौरा कर राहत शिविरों की व्यवस्थाओं का जायजा ले चुके हैं।
बस्तर की प्रतिभाओं को मिलेगा बेहतर मंच
बस्तर में पूर्व नक्सलियों द्वारा फिल्म की शूटिंग किए जाने को लेकर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। क्षेत्र की बेटियां खेल, शिक्षा और अन्य क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रही हैं। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद से मुक्ति के बाद बस्तर के युवाओं के लिए नए अवसर पैदा होंगे। बेहतर मंच और अवसर मिलने से बस्तर विकास की दिशा में और आगे बढ़ेगा।

