रक्तदान में छत्तीसगढ़ की महिलाओं ने रचा इतिहास, 1000 से अधिक महिलाओं ने किया रक्तदान
गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुई उपलब्धि, 3600 से अधिक महिलाओं ने कराया था पंजीयन; मुख्यमंत्री साय ने कहा- रक्तदान मानवता की सबसे बड़ी सेवा
रायपुर (AkhandBharatHNKP.Com)। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि आयुर्वेद भारत की प्राचीन और समृद्ध ज्ञान परंपरा की अमूल्य धरोहर है। आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के साथ राज्य सरकार आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा जैसी भारतीय चिकित्सा पद्धतियों को भी बढ़ावा दे रही है। उन्होंने कहा कि रक्तदान मानवता की सबसे बड़ी सेवाओं में शामिल है। किसी व्यक्ति द्वारा दिया गया रक्त जरूरतमंद मरीज के लिए जीवन की नई उम्मीद बन सकता है।

मुख्यमंत्री रायपुर के सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित आयुर्वेद सेवा सम्मेलन, रक्तदान महाकुंभ और वृहद स्वास्थ्य जांच शिविर में शामिल हुए। कार्यक्रम में महिलाओं ने बड़ी संख्या में रक्तदान कर नया कीर्तिमान बनाया। रक्तदान के लिए 3600 से अधिक महिलाओं ने पंजीयन कराया था और 200 बिस्तरों की व्यवस्था की गई थी। एक ही दिन में 1000 से अधिक महिलाओं द्वारा रक्तदान की इस पहल को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया। गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को प्रमाणपत्र और पदक प्रदान किया। मुख्यमंत्री ने रक्तदाताओं को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि केवल रिकॉर्ड नहीं है, बल्कि जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए समाज में बढ़ती संवेदनशीलता का उदाहरण है। आयोजन में करीब 2500 यूनिट रक्तदान का लक्ष्य रखा गया था। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, वन मंत्री केदार कश्यप, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक सुनील सोनी, अनुज शर्मा, प्रबोध मिंज सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
31 लोगों ने लिया देहदान का संकल्प
कार्यक्रम में प्रोजेक्ट दधीचि के तहत 31 लोगों ने देहदान का संकल्प लिया। इनमें पद्मश्री और विधायक अनुज शर्मा भी शामिल रहे। इसके साथ ही प्रोजेक्ट के तहत अब तक देहदान का संकल्प लेने वालों की संख्या 103 हो गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मृत्यु के बाद भी किसी के काम आने का संकल्प मानव सेवा की प्रेरणादायी मिसाल है। देहदान चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान में उपयोगी है, जबकि अंगदान जरूरतमंद व्यक्ति को नया जीवन देने में मदद कर सकता है। राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस की शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान धन्वंतरि, चरक और सुश्रुत जैसे महान आचार्यों ने हजारों वर्ष पहले चिकित्सा और स्वस्थ जीवन की समृद्ध परंपरा विकसित की थी। आज भी आयुर्वेद लोगों के स्वास्थ्य और जीवनशैली में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि आधुनिक चिकित्सा के साथ आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा को भी मजबूत किया जा रहा है। आरोग्य मंदिर और स्वास्थ्य केंद्रों के माध्यम से उपचार के साथ रोगों की रोकथाम और स्वस्थ जीवनशैली पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
जरूरतमंद बच्चों तक पहुंचाई जा रही सामग्री
सेवा संकल्प अभियान के तहत रक्तदान और स्वास्थ्य जांच के साथ जरूरतमंद बच्चों के लिए पुस्तक, खिलौने और स्टेशनरी संग्रह की पहल भी की गई। आयोजन स्थल पर इसके लिए अलग-अलग केंद्र बनाए गए थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवा का दायरा व्यापक होना चाहिए। जरूरतमंद बच्चों तक पुस्तकें और अध्ययन सामग्री पहुंचाने से उनकी शिक्षा और विकास में मदद मिलेगी।
प्रदेश में मजबूत हो रही स्वास्थ्य सुविधाएं
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान के तहत प्रदेशभर में जनसेवा से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि राज्य में स्वास्थ्य अधोसंरचना को लगातार मजबूत किया जा रहा है। जगदलपुर और बिलासपुर में सुपर स्पेशलिटी सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है और नए चिकित्सा महाविद्यालयों के माध्यम से चिकित्सा शिक्षा को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा के क्षेत्र में भी सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं। प्रदेश में चार नए योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा अस्पताल विकसित किए जा रहे हैं। रायपुर में 100 बिस्तरों वाला नया आयुर्वेदिक अस्पताल बनाया जा रहा है, जबकि बिलासपुर में भी नए भवन का निर्माण जारी है।
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