Tuesday, February 24, 2026

छत्तीसगढ़ शराब घोटाला : अनवर ढेबर की बढ़ीं मुश्किलें, ओवरटाइम भुगतान में 100 करोड़ से अधिक के घोटाले की जांच

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रायपुर (AkhandBharatHNKP.Com)। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला में रायपुर सेंट्रल जेल में बंद अनवर ढेबर की परेशानियां और बढ़ गई हैं। राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) ने छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड (सीएसएमसीएल) में ओवरटाइम भुगतान के नाम पर हुए कथित घोटाले में उन्हें गिरफ्तार कर कस्टोडियल रिमांड पर लिया है।

liquor scam

इससे पहले 19 फरवरी को ईओडब्ल्यू ने आबकारी विभाग के आबकारी उपायुक्त नवीन प्रताप सिंह तोमर को भी गिरफ्तार कर रिमांड पर लिया था। अब जांच एजेंसी दोनों आरोपियों को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करेगी। जांच में खुलासा हुआ है कि वर्ष 2019-20 से 2023-24 के बीच सीएसएमसीएल में मैनपावर और प्लेसमेंट एजेंसियों के माध्यम से ओवरटाइम भत्ते के नाम पर बड़े पैमाने पर भुगतान किया गया। प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार, 100 करोड़ रुपए से अधिक की राशि ओवरटाइम मद में जारी की गई। नियमों के अनुसार यह राशि शराब दुकानों में कार्यरत कर्मचारियों को अतिरिक्त कार्य के एवज में मिलनी थी। भुगतान एजेंसियों को बिल के माध्यम से किया जाता था, ताकि वे संबंधित कर्मचारियों को राशि वितरित करें। जांच एजेंसियों का आरोप है कि इस प्रक्रिया में भारी अनियमितता बरती गई और राशि का एक हिस्सा कथित तौर पर अनवर ढेबर तक पहुंचा।

मैनपावर एजेंसियों के जरिए अवैध लेनदेन

ईओडब्ल्यू की जांच में यह भी सामने आया है कि सीएसएमसीएल के कुछ अधिकारियों की कथित मिलीभगत से संबद्ध मैनपावर एजेंसियों को षड्यंत्रपूर्वक भुगतान किए गए। आरोप है कि इन भुगतानों का एक तय हिस्सा कमीशन के रूप में लिया जाता था। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच में जब्त 28.8 लाख रुपए की राशि मैनपावर एजेंसियों — ईगल हंटर सॉल्यूशन लिमिटेड और अलर्ट कमांडोज प्राइवेट लिमिटेड — से जुड़ी बताई गई है। जांच एजेंसियों के अनुसार यह रकम तत्कालीन उप महाप्रबंधक, सीएसएमसीएल नवीन प्रताप सिंह तोमर तक पहुंचाई जानी थी।

अनवर ढेबर की भूमिका जांच के दायरे में

जांच एजेंसियों का आरोप है कि शराब दुकानों में मैनपावर सप्लाई और प्लेसमेंट एजेंसियों के साथ मिलकर ओवरटाइम भत्ता वितरण के नाम पर करोड़ों रुपए का हेरफेर किया गया। ईडी की शिकायत के बाद ईओडब्ल्यू ने आबकारी विभाग के अधिकारियों और शराब कारोबार से जुड़े व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की थी। मामले में आगे और खुलासों की संभावना जताई जा रही है। जांच जारी है।

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