कैरियर काउंसलिंग कार्यक्रम में विद्यार्थियों को मिला भविष्य निर्माण का मार्गदर्शन
कैबिनेट मंत्री देवांगन के मुख्य आतिथ्य में जिला स्तरीय कैरियर काउंसिलिंग के हुआ आयोजन
जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों ने बच्चों से संवाद कर बेहतर कैरियर निर्माण के लिए दिया मार्गदर्शन
कोरबा (AkhandBharatHNKP.Com)। 10वीं एवं 12वीं कक्षा उत्तीर्ण विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं, रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों की जानकारी देने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा बुधवार को राजीव गांधी ऑडिटोरियम, ट्रांसपोर्ट नगर में जिला स्तरीय कैरियर काउंसलिंग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रदेश के वाणिज्य, उद्योग, श्रम, आबकारी एवं सार्वजनिक उपक्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री देवांगन ने कहा कि वर्तमान समय में शिक्षा के साथ-साथ कौशल विकास और सही कैरियर मार्गदर्शन की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई है। प्रत्येक विद्यार्थी में असीम संभावनाएं होती हैं, जरूरत उन्हें पहचानकर सही दिशा में आगे बढ़ने की है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी रुचि और क्षमता के अनुरूप लक्ष्य निर्धारित कर अनुशासन एवं आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।

इस अवसर पर मंत्री देवांगन ने कैरियर मार्गदर्शन संबंधी संदर्शिका पुस्तक का विमोचन भी किया। पुस्तक में राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर की विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं, उनकी चयन प्रक्रिया और कैरियर विकल्पों की विस्तृत जानकारी दी गई है। यह पुस्तक जिले के सभी विद्यालयों के प्राचार्यों को उपलब्ध कराई गई है, ताकि विद्यालय स्तर पर भी विद्यार्थियों के लिए कैरियर काउंसलिंग आयोजित की जा सके। कार्यक्रम में विधायक प्रेमचंद पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह, सभापति नूतन सिंह ठाकुर, कलेक्टर कुणाल दुदावत, पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी, नगर निगम आयुक्त आशुतोष पांडेय, जिला पंचायत सीईओ दिनेश नाग सहित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया।
नवाचार और सकारात्मक सोच से हासिल होती है सफलता
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए कहा कि सफलता केवल शैक्षणिक उपलब्धियों से नहीं, बल्कि कौशल, नवाचार और सकारात्मक सोच से भी हासिल होती है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य स्पष्ट रूप से तय कर निरंतर प्रयास करने की प्रेरणा दी। साथ ही 10वीं के विद्यार्थियों को 11वीं में विषय चयन और विभिन्न कैरियर विकल्पों की जानकारी भी दी। कार्यक्रम के प्रथम सत्र में जिले के विभिन्न हाई स्कूलों से 10वीं उत्तीर्ण 600 से अधिक विद्यार्थी एवं उनके अभिभावक शामिल हुए। वहीं द्वितीय सत्र में 12वीं कक्षा के 450 विद्यार्थियों ने भाग लिया। इस दौरान कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने विद्यार्थियों को कैरियर चयन, अनुशासन, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी तथा जीवन में सही निर्णय लेने संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी दी। कलेक्टर दुदावत ने विद्यार्थियों के बीच पहुंचकर उनसे संवाद किया और भरोसा दिलाया कि आर्थिक अभाव किसी भी प्रतिभाशाली विद्यार्थी की शिक्षा में बाधा नहीं बनने दिया जाएगा। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने भी कॉमर्स, गणित, विज्ञान तथा अन्य विषयों से जुड़े सवाल पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने विस्तार से जवाब दिया।
प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े अवसरों की दी गई जानकारी
कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं विषय विशेषज्ञों ने सूचना प्रौद्योगिकी, चिकित्सा, रोजगार, कृषि, प्लास्टिक तकनीक, कंप्यूटर शिक्षा तथा प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े अवसरों की जानकारी दी। विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को बदलते समय के अनुरूप कौशल विकास और तकनीकी ज्ञान के महत्व से भी अवगत कराया। जिला शिक्षा अधिकारी ताम्रेश्वर उपाध्याय ने अतिथियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के दोनों सत्रों में कुल 1047 विद्यार्थियों और 200 अभिभावकों ने सहभागिता की। विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी और विशेषज्ञों के उपयोगी मार्गदर्शन से कार्यक्रम सफल एवं सार्थक रहा।

