बिलासपुर (AkhandBharatHNKP.Com)। छत्तीसगढ़ में अनुकंपा नियुक्ति से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाया है। न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि कोरोना महामारी के कारण शिक्षक पात्रता परीक्षा समय पर आयोजित नहीं होने का नुकसान आवेदक को नहीं उठाना पड़ेगा और इसे आधार बनाकर अनुकंपा नियुक्ति नहीं रोकी जा सकती।न्यायालय ने संबंधित विभाग को निर्देश दिया है कि पूरे मामले पर नियमानुसार दोबारा विचार करते हुए 45 दिनों के भीतर निर्णय लिया जाए।
यह मामला धमतरी निवासी वासुदेव साहू से जुड़ा है। उनके पिता सहायक शिक्षक के पद पर कार्यरत थे, जिनका वर्ष 2017 में सेवा के दौरान निधन हो गया था। इसके बाद वासुदेव साहू ने अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन किया। आवश्यक शैक्षणिक योग्यता पूरी करने के लिए उन्हें तीन वर्ष का समय दिया गया था। उन्होंने डिप्लोमा इन प्रारंभिक शिक्षा की परीक्षा समय पर उत्तीर्ण कर ली, लेकिन मार्च 2020 में होने वाली शिक्षक पात्रता परीक्षा कोरोना महामारी के कारण निरस्त हो गई। बाद में जनवरी 2022 में आयोजित परीक्षा में उन्होंने सफलता प्राप्त की। इसके बावजूद पंचायत विभाग ने निर्धारित समय सीमा में योग्यता पूरी नहीं होने का हवाला देते हुए उनका अनुकंपा नियुक्ति दावा खारिज कर दिया, जिसके बाद उन्होंने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया।
सुनवाई के दौरान न्यायालय ने माना कि शिक्षक पात्रता परीक्षा समय पर आयोजित न होना आवेदक के नियंत्रण से बाहर की परिस्थिति थी, इसलिए उसे अयोग्य नहीं ठहराया जा सकता। न्यायालय ने यह भी कहा कि कोरोना काल के दौरान समय-सीमा में दी गई राहत संबंधी सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश इस मामले में भी लागू होंगे। उच्च न्यायालय ने 6 दिसंबर 2022 के अयोग्यता आदेश को निरस्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को वासुदेव साहू के अनुकंपा नियुक्ति मामले पर पुनर्विचार कर तय समय सीमा में निर्णय लेने के निर्देश दिए हैं।

