बालकोनगर (AkhandBharatHNKP.Com)। भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) द्वारा संचालित स्वास्थ्य सेवाओं की पहल ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों के लिए जीवन बदलने वाली साबित हो रही है। गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के उद्देश्य से संचालित मोबाइल स्वास्थ्य वाहन और आरोग्य परियोजना के माध्यम से वित्तीय वर्ष 2026 में एक लाख 20 हजार से अधिक लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिला है।

कोरबा जिले के आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में जहां कभी उपचार के लिए लोगों को लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी, वहां अब बालको की यह पहल राहत लेकर पहुंच रही है। पाढ़ीमार गांव की 60 वर्षीय फूलमणि एक्का कई वर्षों से गठिया के कारण जोड़ों के दर्द से परेशान थीं। शारीरिक परेशानी और आर्थिक कठिनाइयों के कारण उनके लिए अस्पताल तक पहुंचना संभव नहीं था। फूलमणि एक्का ने बताया कि पहले इलाज के लिए बाहर जाना कठिन था, लेकिन जब गांव में मोबाइल स्वास्थ्य वाहन पहुंचने लगा तो घर के पास ही चिकित्सकों की सलाह और उपचार मिलने लगा। अब उनका नियमित उपचार हो रहा है और उन्हें व्यायाम तथा शरीर संबंधी उपचार का उचित मार्गदर्शन भी मिल रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच अक्सर दूरी, संसाधनों की कमी और विशेषज्ञ चिकित्सकों के अभाव के कारण प्रभावित होती है। ऐसे क्षेत्रों में समय पर जांच, नियमित परामर्श और रोगों की रोकथाम संबंधी सेवाएं अत्यंत महत्वपूर्ण होती हैं।
सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाना प्राथमिकता
कोरबा के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस. एन. केशरी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाना प्राथमिकता है। इस दिशा में बालको जैसे उद्योग महत्वपूर्ण सहयोगी की भूमिका निभा रहे हैं। मोबाइल स्वास्थ्य वाहन और आरोग्य परियोजना के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाएं अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रही हैं, जिससे चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता में सुधार हुआ है। लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं उनके घर के करीब उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बालको का मोबाइल स्वास्थ्य वाहन आसपास के 70 गांवों और समुदायों में प्रत्येक पखवाड़े नियमित रूप से पहुंच रहा है। इसमें रोगों की जांच, उपचार, शरीर संबंधी उपचार और प्रयोगशाला जांच जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। वाहन में 40 से अधिक प्रकार की जांच तत्काल की जा सकती है, जिससे समय रहते रोगों की पहचान संभव हो पाती है। इस पहल से वित्तीय वर्ष 2026 में 27 हजार से अधिक लोगों को लाभ मिला।
आरोग्य परियोजना बनी ग्रामीण स्वास्थ्य सुधार की मिसाल
आरोग्य परियोजना के अंतर्गत स्वास्थ्य शिविर, स्वास्थ्य जागरूकता अभियान और प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष कार्य किया जा रहा है। इसके माध्यम से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, कुपोषण, रक्त की कमी, क्षय रोग, एचआईवी संक्रमण और नशा मुक्ति जैसे विषयों पर जागरूकता के साथ चिकित्सा सहायता प्रदान की जा रही है। बालकोनगर के समीप रहने वाली नेहा कंवर ने बताया कि आरोग्य परियोजना से जुड़ने के बाद उनकी ढाई वर्ष की बेटी के स्वास्थ्य में बड़ा सुधार हुआ। पोषण संबंधी मार्गदर्शन मिलने के बाद केवल दो महीने में बच्ची का वजन डेढ़ किलोग्राम बढ़ा और वह सामान्य श्रेणी में आ गई। अब वह अपने गांव की अन्य माताओं को भी बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक कर रही हैं।
बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं से सशक्त हो रहे ग्रामीण
आरोग्य परियोजना के माध्यम से वित्तीय वर्ष 2026 में 93 हजार से अधिक लोगों को स्वास्थ्य लाभ मिला है। मोबाइल स्वास्थ्य वाहन और आरोग्य परियोजना मिलकर बालको की उस सामाजिक प्रतिबद्धता को मजबूत कर रहे हैं, जिसके तहत स्वास्थ्य सेवाओं को लोगों के घर तक पहुंचाने, जागरूकता बढ़ाने और बेहतर उपचार उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। बालको की यह पहल केवल तात्कालिक उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि दीर्घकालीन स्वास्थ्य सुधार, जागरूक समाज और आत्मनिर्भर समुदाय के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।
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