जर्जर स्टाफ बसों को तत्काल हटाने की मांग, कर्मचारियों ने कहा- सुरक्षा से समझौता नहीं
रायपुर (AkhandBharatHNKP.Com)। मंत्रालय और संचालनालय के कर्मचारियों को लाने-ले जाने वाली स्टाफ बस में आग लगने की घटना के बाद कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ गई है। बुधवार शाम हुई घटना के विरोध में मंत्रालय और संचालनालय के कर्मचारी सभी गेट पर बैठकर विरोध प्रदर्शन करने लगे। कर्मचारियों ने जर्जर और पुरानी बसों को तत्काल हटाकर सुरक्षित बसों की व्यवस्था करने की मांग की है।

बुधवार को बीआरटीएस की एक स्टाफ बस नवा रायपुर में अचानक आग की चपेट में आ गई। बस में मंत्रालय और संचालनालय के कर्मचारी सवार थे, जो दिनभर का काम खत्म होने के बाद घर लौट रहे थे। बस नवा रायपुर में ही थी, तभी पीछे से ओवरटेक कर रही दूसरी बस में सवार कर्मचारियों ने बस से धुआं और आग निकलते देख इसकी सूचना दी। आग बस के इंजन वाले हिस्से से शुरू हुई और देखते ही देखते पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया। आग की सूचना मिलते ही बस में सवार सभी कर्मचारी तेजी से बाहर निकल गए। गनीमत रही कि इस घटना में किसी कर्मचारी को चोट नहीं आई और बड़ा हादसा टल गया। हालांकि, घटना ने स्टाफ बसों की सुरक्षा और रखरखाव को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
24-25 साल पुरानी बसों को लेकर नाराजगी
कर्मचारियों का आरोप है कि कई स्टाफ बसें 24-25 साल पुरानी हैं और उनकी हालत लगातार खराब होती जा रही है। उनका कहना है कि ऐसी बसों में रोजाना कर्मचारियों को सफर कराना उनकी सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है। कर्मचारियों ने बसों की फिटनेस और नियमित रखरखाव की व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं। कर्मचारियों का कहना है कि ई-कार्यालय व्यवस्था के चलते सुबह समय पर मंत्रालय पहुंचने की आपाधापी रहती है। इस दौरान बसें तेज गति से चलती हैं, जिससे जोखिम और बढ़ जाता है।
पहले भी रास्ते में बंद हो चुकी है बस
कर्मचारियों ने बताया कि कुछ दिन पहले भी एक स्टाफ बस बीच रास्ते में खराब होकर बंद हो गई थी। स्थिति यह बनी कि कर्मचारियों को खुद बस को धक्का लगाकर आगे बढ़ाना पड़ा। कर्मचारियों का कहना है कि बार-बार ऐसी घटनाएं सामने आने के बावजूद बसों की स्थिति सुधारने पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
कर्मचारियों की दो टूक- सुरक्षा से समझौता नहीं
प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का कहना है कि बुधवार की घटना में सभी की जान बच गई, लेकिन हर बार सुरक्षा को किस्मत के भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता। उन्होंने मांग की कि सभी जर्जर बसों की तत्काल जांच कर उन्हें सेवा से हटाया जाए और कर्मचारियों के लिए सुरक्षित एवं फिट बसों की व्यवस्था की जाए। कर्मचारियों ने कहा कि सुरक्षा कोई विकल्प नहीं, बल्कि जिम्मेदारी है। उनका विरोध प्रदर्शन इसी मांग को लेकर है कि भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार करने के बजाय अभी से ठोस कदम उठाए जाएं।

