पेपर लीक पर पीएम मोदी का ऐलान : दोषियों के लिए बनेंगे फास्ट ट्रैक कोर्ट, राहुल बोले- शिक्षा व्यवस्था की बर्बादी के जिम्मेदार आप

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      • पेपर लीक मामलों में त्वरित सुनवाई की घोषणा, विपक्ष ने सरकार पर साधा निशाना

      नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को पेपर लीक मामलों के दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का ऐलान करते हुए कहा कि ऐसे मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए देश में फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

          प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

          प्रधानमंत्री की इस घोषणा पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था को सबसे अधिक नुकसान मौजूदा सरकार के कार्यकाल में हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा प्रणाली को कमजोर करने वाले लोगों को संरक्षण दिया गया। अब तक देश में पेपर लीक से जुड़े मामलों की सुनवाई सामान्य अदालतों में होती रही है, जिसके कारण फैसले आने में वर्षों लग जाते थे। प्रधानमंत्री की घोषणा के बाद ऐसे मामलों के लिए विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित किए जाएंगे, ताकि दोषियों को जल्द सजा मिल सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगे।

          फास्ट ट्रैक कोर्ट का बेहतर रहा है रिकॉर्ड

          देश में फास्ट ट्रैक कोर्ट की शुरुआत वर्ष 2000 में 11वें वित्त आयोग की सिफारिश पर हुई थी। केंद्र सरकार के अनुसार, वर्ष 2019 से 2025 के बीच रेप और पॉक्सो मामलों के लिए गठित फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 3.06 लाख से अधिक मामलों का निपटारा किया है। इन अदालतों में मामलों के निपटारे की दर 96.28 प्रतिशत रही है, हालांकि नए मामलों के लगातार दर्ज होने से लंबित मामलों की संख्या अब भी दो लाख से अधिक है।

          राहुल गांधी ने रखीं तीन मांगें

          बुधवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि नीट पेपर लीक से करोड़ों छात्र और उनके परिवार प्रभावित हुए हैं। उन्होंने तीन प्रमुख मांगें रखीं—केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, छात्रों पर लाठीचार्ज करने वालों के खिलाफ कार्रवाई और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा छात्रों से सार्वजनिक माफी।

          नड्डा का पलटवार

          राहुल गांधी के आरोपों पर केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस को यह भी बताना चाहिए कि उसके शासन वाले राज्यों में हुए पेपर लीक मामलों पर वह चुप क्यों रहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी केवल भाजपा शासित राज्यों को निशाना बनाते हैं।

          धरना और प्रदर्शन के बीच गरमाई राजनीति

          पेपर लीक मुद्दे को लेकर राजधानी दिल्ली में लगातार विरोध-प्रदर्शन जारी हैं। कांग्रेस ने प्रधानमंत्री आवास के निकट धरना देकर इस मुद्दे पर संसद में चर्चा और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग उठाई। वहीं, जंतर-मंतर पर छात्र संगठनों का प्रदर्शन जारी है और एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक भी भूख हड़ताल पर हैं।

          पहले भी सख्त कार्रवाई का भरोसा दे चुके हैं पीएम

          इससे पहले 21 जुलाई को एनडीए संसदीय दल की बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि नीट पेपर लीक की जानकारी मिलते ही सरकार ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया। उन्होंने कहा था कि पेपर लीक कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि देश के युवाओं के भविष्य से जुड़ा गंभीर विषय है और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी।

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